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ग्लोबल BDC आय तुलना: पेन्नेंटपार्क बनाम पेन्नेंटपार्क फ्लोटिंग रेट - जानने योग्य बातें
यह रिपोर्ट आमतौर पर निवेशकों के लिए संभावित आय सृजन के लिए पेन्नेंटपार्क (PNNT) और पेन्नेंटपार्क फ्लोटिंग रेट कैपिटल (PFLT), दो US-आधारित व्यवसाय विकास कंपनियों (BDCs) की तुलना करेगी। विशिष्ट स्रोत सामग्री के बिना, किस BDC से बेहतर रिटर्न मिलता है, इसका तथ्यात्मक विश्लेषण प्रदान नहीं किया जा सकता है।

वैश्विक तेल कीमतों में गिरावट के बीच यूके गिल्ट यील्ड्स मध्य-अगस्त के निचले स्तर पर
ब्रिटिश सरकारी बॉन्ड यील्ड्स मध्य-अगस्त के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं, जो अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में रुझानों को दर्शाता है। इस गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक तेल कीमतों में उल्लेखनीय कमी है।
ताज़ासेबी ने ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म विज्ञापन के लिए सख्त नियमों का प्रस्ताव रखा
सेबी निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचाने के लिए ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म के विज्ञापन के तरीके पर नियमों को कड़ा कर रहा है। नए नियमों के तहत 'निश्चित रिटर्न' जैसे शब्दों के लिए स्पष्ट जोखिम अस्वीकरण की आवश्यकता होगी और 'उच्च उपज' जैसे अस्पष्ट दावों को प्रतिबंधित किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रचार सामग्री विशिष्ट प्रतिभूतियों के बारे में मानकीकृत और पारदर्शी जानकारी प्रदान करे।

अस्थिर बॉन्ड बाज़ार के बीच AT1 बॉन्ड दिखा रहे हैं अप्रत्याशित स्थिरता
यदि सामग्री उपलब्ध होती, तो यह रिपोर्ट शायद इस बात पर प्रकाश डालती कि एडिशनल टियर 1 (AT1) बॉन्ड, जिन्हें आमतौर पर अधिक जोखिम भरा माना जाता है, मौजूदा अशांत वैश्विक बॉन्ड बाज़ारों में स्थिरता क्यों दिखा रहे हैं। इसमें इस प्रवृत्ति में योगदान करने वाले कारकों पर गौर किया जाता और निश्चित आय वाले निवेशकों के लिए इसके निहितार्थों पर चर्चा की जाती।

T. Rowe Price F/m इन्वेस्टमेंट्स का अधिग्रहण करेगा, फिक्स्ड इनकम ईटीएफ की पेशकश को बढ़ावा देगा
वैश्विक निवेश प्रबंधक T. Rowe Price Group ने F/m इन्वेस्टमेंट्स एलएलसी, जो फिक्स्ड इनकम एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) और परिसंपत्ति प्रबंधन में विशेषज्ञ है, का अधिग्रहण करने के लिए एक समझौते की घोषणा की है। यह रणनीतिक अधिग्रहण T. Rowe Price की ऋण-केंद्रित निवेश क्षमताओं का विस्तार करने के लिए तैयार है, जिससे प्रबंधन के तहत लगभग $19 बिलियन (लगभग ₹1.58 लाख करोड़) की परिसंपत्तियां जुड़ जाएंगी।

यूएस ट्रेजरी लंबी अवधि के बॉन्ड को फिर से खरीदेगी: बाजारों के लिए इसका क्या मतलब है?
संयुक्त राज्य अमेरिका के ट्रेजरी ने बाजार से लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड वापस खरीदने की योजना का संकेत दिया है। इस कदम का उद्देश्य आमतौर पर राष्ट्रीय ऋण की परिपक्वता प्रोफाइल का प्रबंधन करना और तरलता बढ़ाना है, जिसके वैश्विक ब्याज दरों और भारत सहित निवेशक धारणा पर संभावित अप्रत्यक्ष प्रभाव हो सकते हैं।

अमेरिकी ट्रेजरी ने उच्च प्रतिफल के बीच लंबी अवधि के ऋण की पुनर्खरीद अप्रत्याशित रूप से बढ़ाई
अमेरिकी ट्रेजरी ने लंबी अवधि के सरकारी ऋणों की पुनर्खरीद कार्यक्रम में अप्रत्याशित वृद्धि की घोषणा की है। यह कदम ऐसे समय आया है जब इन प्रतिभूतियों पर प्रतिफल कई वर्षों के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जो सरकार के लिए उधार लेने की उच्च लागत को दर्शाता है।

RBI T-Bill नीलामी: 91-दिवसीय यील्ड 6.94% पर बढ़ी, 182-दिवसीय 7.02% पर, 364-दिवसीय 7.03% पर
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी नवीनतम ट्रेजरी बिल (T-Bill) नीलामी आयोजित की, जिसमें 91-दिवसीय, 182-दिवसीय और 364-दिवसीय T-Bills के लिए कट-ऑफ यील्ड क्रमशः 6.94%, 7.02% और 7.03% पर तय हुई। ये दरें दर्शाती हैं कि निवेशक इन छोटी अवधि के लिए सरकार को पैसा उधार देने पर कितना रिटर्न मिलने की उम्मीद कर सकते हैं।

S&P 500 लगातार तीसरे दिन गिरा, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में वृद्धि के बीच
एसएंडपी 500 के लगातार तीसरे दिन घाटा दर्ज करने के बावजूद अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में मामूली हलचल दिखी। यह मंदी वाली प्रतिक्रिया वैश्विक बाजारों में लंबी अवधि के बॉन्ड यील्ड के कई दशकों के उच्च स्तर पर पहुंचने के कारण आई है, जो व्यापक आर्थिक चिंताओं को दर्शाती है।

वैश्विक निवेशक मुद्रास्फीति और मुद्रा में उतार-चढ़ाव के बीच उभरते बाजारों के ऋण पर चयनात्मक हो रहे हैं
वैश्विक निवेशक उभरते बाजारों में मुद्रास्फीति-संबंधित ऋण, जो $886 बिलियन का वैश्विक परिसंपत्ति वर्ग है, के प्रति अत्यधिक चयनात्मक हो रहे हैं। ऐसा बढ़ती कीमतों और अप्रत्याशित मुद्रा गतिविधियों के बारे में चल रही चिंताओं के कारण हो रहा है। यह रणनीतिक बदलाव इन साधनों द्वारा एक वर्ष से अधिक समय तक मजबूत प्रतिफल देने के बाद आया है, जिससे निवेश के दृष्टिकोण का पुनर्मूल्यांकन करना पड़ रहा है।
ताज़ाइक्विटी के दीर्घकालिक लाभ: 20 वर्षों के डेटा से जोखिम बनाम प्रतिफल पर क्या पता चलता है
हालांकि 100% इक्विटी पोर्टफोलियो में उच्च दीर्घकालिक प्रतिफल दिख सकता है, लेकिन दो दशकों के हालिया विश्लेषण से पता चलता है कि अस्थिरता को ध्यान में रखने पर निवेश प्रदर्शन पर एक अलग दृष्टिकोण मिलता है। इसमें जोखिम-समायोजित प्रतिफल के लिए निश्चित-आय और संतुलित पोर्टफोलियो के साथ तुलना भी शामिल है।

अलेक्जेंड्रिया रियल एस्टेट ने 7.25% ब्याज दर पर 2057 में परिपक्व होने वाले बॉन्ड के जरिए $1 बिलियन जुटाए
अलेक्जेंड्रिया रियल एस्टेट इक्विटीज इंक. ने 12 अगस्त, 2026 को सीरीज़ ए फिक्स्ड-टू-फिक्स्ड रीसेट रेट जूनियर सबऑर्डिनेटेड नोट्स के $1 बिलियन के सार्वजनिक प्रस्ताव की कीमत की घोषणा की। ये दीर्घकालिक बॉन्ड, जो 2057 में परिपक्व होंगे, 7.250% की प्रारंभिक वार्षिक ब्याज दर पर होंगे। यह पेशकश अमेरिकी रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट को महत्वपूर्ण पूंजी जुटाने में मदद करेगी।
ताज़ाRBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स: क्या NRI 8.05% ब्याज वाली इस योजना में निवेश कर सकते हैं?
अनिवासी भारतीय (NRIs) वर्तमान में लोकप्रिय RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स (FRSB) 2020 में नया निवेश करने से प्रतिबंधित हैं। हालांकि ये बॉन्ड सॉवरेन गारंटी के साथ 8.05% की प्रतिस्पर्धी ब्याज दर प्रदान करते हैं, लेकिन यह योजना विशेष रूप से भारतीय निवासियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) के लिए आरक्षित है।

ग्लोबल म्युनिसिपल बॉन्ड बाज़ार लगातार तीसरे वर्ष रिकॉर्ड इश्यूअन्स के लिए तैयार
वैश्विक म्युनिसिपल बॉन्ड बाज़ार लगातार तीसरे वर्ष रिकॉर्ड इश्यूअन्स की ओर अग्रसर है, जो सार्वजनिक वित्त के एक प्रमुख क्षेत्र में मजबूत गतिविधि का संकेत देता है। यह प्रवृत्ति स्थानीय सरकारी परियोजनाओं के लिए बढ़ती फंडिंग आवश्यकताओं और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में निवेशकों की मजबूत मांग को उजागर करती है।
New LaunchHKEX ने वैश्विक निवेशकों के लिए 5-वर्षीय चीन सरकारी बॉन्ड फ्यूचर्स लॉन्च किया
हांगकांग एक्सचेंज एंड क्लियरिंग लिमिटेड (HKEX) ने आधिकारिक तौर पर अपना पांच-वर्षीय चीन सरकारी बॉन्ड (CGB) फ्यूचर्स लॉन्च किया है। यह नया वित्तीय साधन अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को चीनी संप्रभु ऋण से जुड़े ब्याज दर जोखिमों को कम करने के लिए एक पारदर्शी उपकरण प्रदान करता है।

इंडेक्स में शामिल होने की अनिश्चितता के बीच भारतीय सरकारी बॉन्ड रैली धीमी होने की उम्मीद
ब्लूमबर्ग ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स में शामिल होने की उम्मीदें कम होने के कारण भारतीय सरकारी बॉन्डों में हालिया तेजी के धीमा होने का अनुमान है। व्यापारियों का अनुमान है कि विकसित बाजारों के साथ घटते प्रतिफल अंतर, उच्च सरकारी उधारी और कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों के कारण बॉन्ड प्रतिफल स्थिर रहेंगे।

इंडेक्स में शामिल होने की अनिश्चितता के बीच भारतीय सरकारी बॉन्ड रैली में कमी की उम्मीद
भारतीय सरकारी बॉन्ड में हालिया तेज़ी के अपनी गति खोने का अनुमान है, क्योंकि ब्लूमबर्ग के ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स में शामिल होने की उम्मीदें कम हो रही हैं। ट्रेडर्स को उम्मीद है कि विकसित बाजारों के साथ यील्ड गैप में कमी, सरकार द्वारा अधिक उधार, और कच्चे तेल की अस्थिर कीमतों के कारण बॉन्ड यील्ड स्थिर रहेंगी।

AI खर्च संबंधी चिंताओं ने वैश्विक टेक दिग्गजों के लिए उधार लागत बढ़ाई
Google, Amazon और Meta जैसे वैश्विक टेक दिग्गजों को अधिक उधार लागत का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि बॉन्ड निवेशक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में उनके महत्वपूर्ण निवेश को लेकर सतर्क हो गए हैं। यह AI परियोजनाओं के लिए बड़े पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को लेकर फिक्स्ड-इनकम बाजार में बढ़ती चिंता का संकेत देता है।

उच्च रिटर्न लॉक करें: लॉन्ग-टर्म गिल्ट और कॉरपोरेट बॉन्ड अब क्यों आकर्षक हैं
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के साथ, वित्तीय विशेषज्ञों का सुझाव है कि रिटेल निवेशकों को वर्तमान उच्च यील्ड (yields) को लॉक कर लेना चाहिए। जैसे-जैसे रेट साइकिल अपने चरम पर पहुँच रही है, स्थिर आय चाहने वालों के लिए कॉरपोरेट बॉन्ड और लॉन्ग-टर्म गिल्ट फंड शीर्ष विकल्पों के रूप में उभर रहे हैं।

Fidelity Bond ETF ने Vanguard BND को पछाड़ा: ऋण निवेशकों के लिए मुख्य सबक
फिडेलिटी टोटल बॉन्ड ईटीएफ (FBND) ने पिछले दशक में लोकप्रिय वेंगार्ड टोटल बॉन्ड मार्केट ईटीएफ (BND) की तुलना में चुपचाप बेहतर प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन वैश्विक बॉन्ड बाजार में सक्रिय प्रबंधन (Active Management) और निष्क्रिय ट्रैकिंग (Passive Tracking) के बीच के अंतर को रेखांकित करता है।

10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड आउटलुक: अगले महीने 6.60%-6.90% अपेक्षित
अगले महीने 10-वर्षीय भारतीय सरकारी बॉन्ड यील्ड 6.60% से 6.90% की सीमा में रहने का अनुमान है। पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड के पुनीत पाल के अनुसार, इस दृष्टिकोण को प्रभावित करने वाले कारकों में वैश्विक ब्याज दर में बढ़ोतरी और मानसून की कमी को लेकर चिंताएं शामिल हैं।

जापान के बॉन्ड मार्केट में नई जान: ब्याज दरें बढ़ने के साथ एसेट मैनेजर्स ने लॉन्च किए नए फंड
मिज़ुहो और नोमुरा जैसे जापानी वित्तीय दिग्गज नए येन-मूल्यवर्ग (yen-denominated) के बॉन्ड फंड लॉन्च कर रहे हैं क्योंकि बैंक ऑफ जापान अपनी लंबे समय से चली आ रही मौद्रिक नीति में बदलाव कर रहा है। यह कदम दशकों की लगभग शून्य ब्याज दरों के बाद घरेलू ऋण निवेश में एक महत्वपूर्ण वापसी का प्रतीक है।

वैश्विक तेल कीमतों में नरमी और भू-राजनीतिक उम्मीदों के बीच भारतीय बॉन्ड बाजार स्थिर
ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत मिलने के कारण सरकारी बॉन्ड यील्ड स्थिर रही। जहाँ अमेरिका-ईरान वार्ता की चर्चा ने ऊर्जा लागत को कम किया है, वहीं तिमाही टैक्स भुगतान के कारण घरेलू लिक्विडिटी (नकदी की उपलब्धता) कम बनी हुई है।

वैश्विक तेल कीमतों में गिरावट से भारतीय बॉन्ड्स में तेजी; बाजार की नजर नए ऋण नीलामी (Debt Auction) पर
गुरुवार को सरकारी बॉन्ड की कीमतों में वृद्धि हुई क्योंकि वैश्विक तेल कीमतों में गिरावट ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मुद्रास्फीति (inflation) की चिंताओं को कम कर दिया है। विदेशी निवेश को आकर्षित करने और रुपये को स्थिर करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सक्रिय कदमों ने ऋण बाजार को और समर्थन दिया है।
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