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MUFG जापानी सरकारी बॉन्ड रेपो सेटलमेंट के लिए ब्लॉकचेन का परीक्षण कर रहा है
मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप (MUFG) जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) पुनर्खरीद (रेपो) लेनदेन के निपटान को सुव्यवस्थित करने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक के उपयोग की खोज कर रहा है। इस अवधारणा के प्रमाण (प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट) का उद्देश्य वित्तीय बाजार के एक महत्वपूर्ण खंड में दक्षता बढ़ाना और जोखिम कम करना है।

अलेक्जेंड्रिया रियल एस्टेट ने 7.25% ब्याज दर पर 2057 में परिपक्व होने वाले बॉन्ड के जरिए $1 बिलियन जुटाए
अलेक्जेंड्रिया रियल एस्टेट इक्विटीज इंक. ने 12 अगस्त, 2026 को सीरीज़ ए फिक्स्ड-टू-फिक्स्ड रीसेट रेट जूनियर सबऑर्डिनेटेड नोट्स के $1 बिलियन के सार्वजनिक प्रस्ताव की कीमत की घोषणा की। ये दीर्घकालिक बॉन्ड, जो 2057 में परिपक्व होंगे, 7.250% की प्रारंभिक वार्षिक ब्याज दर पर होंगे। यह पेशकश अमेरिकी रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट को महत्वपूर्ण पूंजी जुटाने में मदद करेगी।

ग्लोबल म्युनिसिपल बॉन्ड बाज़ार लगातार तीसरे वर्ष रिकॉर्ड इश्यूअन्स के लिए तैयार
वैश्विक म्युनिसिपल बॉन्ड बाज़ार लगातार तीसरे वर्ष रिकॉर्ड इश्यूअन्स की ओर अग्रसर है, जो सार्वजनिक वित्त के एक प्रमुख क्षेत्र में मजबूत गतिविधि का संकेत देता है। यह प्रवृत्ति स्थानीय सरकारी परियोजनाओं के लिए बढ़ती फंडिंग आवश्यकताओं और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में निवेशकों की मजबूत मांग को उजागर करती है।

सीस्पैन ने चीन के पांडा बॉन्ड बाजार से ₹1,725 करोड़ जुटाए, किसी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनी के लिए यह पहला मौका
सीस्पैन कॉर्पोरेशन पीटीई. लिमिटेड, एक अग्रणी समुद्री परिसंपत्ति मालिक, ने चीन के घरेलू बाजार में RMB 1.5 बिलियन (लगभग ₹1,725 करोड़) का तीन-वर्षीय पांडा बॉन्ड सफलतापूर्वक जारी किया है। 6 अगस्त, 2026 को घोषित यह ऐतिहासिक लेनदेन सीस्पैन को चीनी पांडा बॉन्ड बाजार तक पहुंचने वाला पहला अंतरराष्ट्रीय जहाज मालिक और ऑपरेटर बनाता है।

सीस्पैन ने RMB 1.5 बिलियन का ऐतिहासिक पांडा बॉन्ड सुरक्षित किया, जो किसी अंतरराष्ट्रीय जहाज मालिक के लिए पहला है
सीस्पैन कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड ने 6 अगस्त, 2026 को चीन के घरेलू बाजार में RMB 1.5 बिलियन (वर्तमान विनिमय दरों पर लगभग ₹1,725 करोड़) का तीन-वर्षीय पांडा बॉन्ड सफलतापूर्वक जारी किया है। यह महत्वपूर्ण निजी नियोजन नोट सीस्पैन को चीन के स्थानीय बॉन्ड बाजार में प्रवेश करने वाला पहला अंतरराष्ट्रीय जहाज मालिक और संचालक बनाता है।

सीस्पैन ने अंतर्राष्ट्रीय जहाज़ मालिक के तौर पर पहला, RMB 1.5 बिलियन का ऐतिहासिक पांडा बॉन्ड सुरक्षित किया
सीस्पैन कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड ने 6 अगस्त, 2026 को चीन के घरेलू बाज़ार में RMB 1.5 बिलियन (मौजूदा विनिमय दरों के अनुसार लगभग ₹1,725 करोड़) का तीन-वर्षीय पांडा बॉन्ड सफलतापूर्वक जारी किया है। यह महत्वपूर्ण प्राइवेट प्लेसमेंट नोट सीस्पैन को चीन के स्थानीय बॉन्ड बाज़ार का लाभ उठाने वाला पहला अंतर्राष्ट्रीय जहाज़ मालिक और संचालक बनाता है।

Nomad Foods ने €1.08 बिलियन का नया ऋण वित्तपोषण हासिल किया, जिसमें €800 मिलियन के उच्च-उपज वाले नोट्स भी शामिल हैं
यूरोप की एक प्रमुख फ्रोजन फूड कंपनी, नोमैड फूड्स ने कुल €1.08 बिलियन का एक महत्वपूर्ण वित्तपोषण पैकेज सफलतापूर्वक हासिल किया है। इसमें एक नया €280 मिलियन का रिवॉल्विंग क्रेडिट फैसिलिटी और €800 मिलियन का उच्च-उपज वाला बॉन्ड जारी करना शामिल है, जिसका उद्देश्य कंपनी की वित्तीय स्थिति और परिचालन लचीलेपन को मजबूत करना है।

NTPC बोर्ड ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स के जरिए ₹12,000 करोड़ जुटाने को दी मंजूरी
सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज बिजली कंपनी NTPC को नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करके ₹12,000 करोड़ तक जुटाने के लिए बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। यह फंड जुटाने का निर्णय ऐसे समय में आया है जब कंपनी ने अपनी कुल स्थापित क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि और परिचालन दक्षता में सुधार दर्ज किया है।

उच्च-उपज वाले बॉन्ड को मिल रहा है आकर्षण, THYF की संपत्ति में उछाल
निवेशक उच्च-उपज वाले बॉन्ड की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं क्योंकि उनकी आकर्षकता बढ़ रही है, जैसा कि THYF द्वारा प्रबंधित संपत्ति में महत्वपूर्ण वृद्धि से स्पष्ट है। यह प्रवृत्ति उच्च रिटर्न की तलाश में निवेश रणनीतियों में संभावित बदलाव का सुझाव देती है।

10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड आउटलुक: अगले महीने 6.60%-6.90% अपेक्षित
अगले महीने 10-वर्षीय भारतीय सरकारी बॉन्ड यील्ड 6.60% से 6.90% की सीमा में रहने का अनुमान है। पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड के पुनीत पाल के अनुसार, इस दृष्टिकोण को प्रभावित करने वाले कारकों में वैश्विक ब्याज दर में बढ़ोतरी और मानसून की कमी को लेकर चिंताएं शामिल हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक के बॉन्ड बायबैक को मिली धीमी प्रतिक्रिया, लेकिन कर्ज की दरें हो सकती हैं सस्ती
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा सरकारी बॉन्डों की पुनर्खरीद (बायबैक) के प्रयास को बैंकों से मिली धीमी प्रतिक्रिया, बावजूद इसके कि प्रणाली में नकदी की कमी है। हालांकि, सस्ता तेल और मजबूत विदेशी निवेश के कारण बेंचमार्क 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड मार्च के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है। यह रुझान कर्जदारों के लिए संभावित राहत और बचतकर्ताओं के लिए समायोजन का संकेत दे सकता है।

अतिरिक्त नकदी को कम करने का RBI का कदम शॉर्ट-टर्म बॉन्ड रैली को रोक सकता है, डेट फंड रिटर्न पर पड़ेगा असर
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा बैंकिंग प्रणाली से अतिरिक्त नकदी वापस लेने की उम्मीद है, क्योंकि लिक्विडिटी का स्तर महामारी के दौर के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच रहा है। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि इस हस्तक्षेप से शॉर्ट-टर्म बॉन्ड में हालिया रैली रुक सकती है, जिससे डेट म्यूचुअल फंड के प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ेगा।

गिरती तेल की कीमतों ने भारतीय सरकारी बॉन्ड में 6-दिवसीय तेजी को दी रफ्तार
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण भारत के मुद्रास्फीति (inflation) परिदृश्य में सुधार होने से भारतीय सरकारी बॉन्ड लगातार बढ़त बना रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर कड़ा रुख अपनाने के बावजूद, विदेशी निवेशक भारतीय ऋण बाजारों में पैसा लगाना जारी रखे हुए हैं।

SBI बोर्ड ने क्रेडिट ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए ₹60,000 करोड़ की भारी धनराशि जुटाने को दी मंजूरी
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभिन्न बॉन्ड इंस्ट्रूमेंट्स के माध्यम से ₹60,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रहा है। इस पूंजी निवेश का उद्देश्य बैंक की ऋण देने की क्षमता को मजबूत करना और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता बनाए रखना है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने लंबे समय तक उच्च ब्याज दरों के संकेत दिए: भारतीय EMI और डेट म्यूचुअल फंड पर प्रभाव
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मुद्रास्फीति (inflation) पर सतर्क रुख का मतलब है कि भारत में ब्याज दरों में जल्द गिरावट आने की संभावना कम है। यह देरी उन होम लोन ग्राहकों के लिए EMI राहत को टालती है और डेट म्यूचुअल फंड में त्वरित लाभ की तलाश कर रहे निवेशकों को प्रभावित करती है।

HDFC Bank ने 2023 के बाद भारत की सबसे बड़ी ऑफशोर बॉन्ड बिक्री में ₹6,300 करोड़ जुटाए
भारत के सबसे बड़े निजी ऋणदाता, HDFC Bank ने डॉलर-मूल्यवर्ग (dollar-denominated) के बॉन्ड की बिक्री के माध्यम से $750 मिलियन (लगभग ₹6,300 करोड़) सफलतापूर्वक जुटाए हैं। यह विशाल फंडरेज बैंक में वैश्विक निवेशकों के मजबूत भरोसे का संकेत देता है और एक वर्ष से अधिक समय में किसी भारतीय बैंक द्वारा किया गया सबसे बड़ा विदेशी ऋण सौदा है।

कच्चे तेल की गिरती कीमतों ने भारतीय बॉन्ड यील्ड को दो महीने के निचले स्तर पर धकेला
अमेरिका और ईरान के बीच प्रारंभिक शांति समझौते की खबरों के बाद वैश्विक तेल की कीमतों में आई कमी के कारण भारतीय सरकारी बॉन्ड यील्ड में महत्वपूर्ण गिरावट आई है। यह बदलाव मुद्रास्फीति के कम दबाव और घरेलू डेट फंड निवेशकों के लिए संभावित रूप से बेहतर रिटर्न का संकेत देता है।

रीफाइनेंसिंग में बाधाओं के बीच SP ग्रुप ने ₹14,300 करोड़ का कर्ज चुकाने के लिए अतिरिक्त समय मांगा
शापूरजी पलोनजी (SP) ग्रुप अपनी बड़ी रीफाइनेंसिंग योजना में देरी के बाद ₹14,300 करोड़ के बॉन्ड चुकाने के लिए दो महीने का विस्तार मांग रहा है। रिटेल निवेशकों को इसे हाई-स्टेक कॉर्पोरेट ऋण में शामिल क्रेडिट जोखिमों की चेतावनी के रूप में देखना चाहिए।

ग्लोबल इंडेक्स में शामिल होने से भारतीय ऋण बाजार (Debt Market) को ₹2.1 लाख करोड़ का बूस्ट मिलने की उम्मीद
नियामकीय सुधारों और ग्लोबल इंडेक्स में शामिल होने के साथ भारत का बॉन्ड मार्केट बड़े पूंजी निवेश के लिए तैयार है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि $25 बिलियन तक का नया विदेशी निवेश आ सकता है, जिससे सरकार और कॉरपोरेट्स दोनों के लिए उधारी की लागत कम हो सकती है।

ईरान शांति की उम्मीदों पर वैश्विक तेल कीमतों में गिरावट के साथ सरकारी बॉन्ड की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के कारण घरेलू मुद्रास्फीति (महंगाई) कम होने की उम्मीदों से शुक्रवार को भारतीय सरकारी बॉन्ड के मूल्यों में वृद्धि हुई। हालांकि वैश्विक कारकों ने बढ़त दी, लेकिन घरेलू राजकोषीय चिंताओं ने ऋण बाजार में बड़ी रैली को रोक दिया।

कच्चे तेल और मुद्रा जोखिमों के बीच भारतीय बॉन्ड्स पर ब्लैकरॉक का रुख स्थिर
वैश्विक निवेश दिग्गज ब्लैकरॉक (BlackRock) अंतरराष्ट्रीय फंडों की बढ़ती दिलचस्पी के बावजूद भारतीय ऋण (debt) पर सतर्क रुख बनाए हुए है। हालांकि सरकारी सुधारों ने भारतीय बॉन्ड्स को अधिक आकर्षक बना दिया है, लेकिन उच्च हेजिंग लागत और कच्चे तेल की अस्थिर कीमतें विदेशी पूंजी के लिए महत्वपूर्ण बाधा बनी हुई हैं।

मिडल ईस्ट में तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: क्यों आपके लोन की ब्याज दरों में कटौती में हो सकती है देरी
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर धकेल दिया है, जिससे भारतीय सरकारी बॉन्ड की मांग में कमी आई है। मुद्रास्फीति (inflation) का जोखिम बढ़ने के साथ, रिटेल उधारकर्ताओं को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा ब्याज दरों में कटौती के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

सुरक्षा का समय: वैश्विक बॉन्ड दिग्गज Pimco ने बढ़ते डिफॉल्ट जोखिमों की चेतावनी दी
इन्वेस्टमेंट दिग्गज Pimco ने 'क्रेडिट लॉस साइकिल' (ऋण हानि चक्र) की शुरुआत का संकेत दिया है, और चेतावनी दी है कि निम्न-गुणवत्ता वाले कर्जदार ऋण चुकाने में संघर्ष कर सकते हैं। खुदरा निवेशकों को उच्च-गुणवत्ता वाले बॉन्ड पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी गई है, क्योंकि आर्थिक असमानता और आक्रामक खर्च के पैटर्न वित्तीय प्रणाली पर दबाव डाल रहे हैं।

कर्जदारों के लिए अच्छी खबर: विदेशी निवेश के चलते सरकारी बॉन्ड यील्ड में 0.10% की गिरावट
नए टैक्स राहत के बाद विदेशी निवेशकों द्वारा खरीदारी बढ़ाने से भारतीय सरकारी बॉन्ड यील्ड में 0.10% की गिरावट आई है। यील्ड में यह गिरावट आमतौर पर होम और कार लोन के लिए कम ब्याज दरों का संकेत देती है, साथ ही यह डेट म्यूचुअल फंड निवेशकों के रिटर्न को भी बढ़ाती है।
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