सस्ते दामों पर क्वालिटी स्टॉक्स: सौरभ मुखर्जी ने पहचाना बाजार में निवेश का दुर्लभ अवसर
Source: Economictimes
Arth Insight · What this means for your wallet
- उच्च गुणवत्ता वाले स्टॉक्स वर्तमान में निम्न-श्रेणी के एसेट्स की तुलना में दुर्लभ, सामान्य से कम वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं।
- भारतीय वित्तीय सेवाएँ और निर्यात-आधारित विनिर्माण लंबी अवधि की वृद्धि के लिए सबसे मजबूत घरेलू थीम बने हुए हैं।
- आर्थिक तनाव सट्टा 'जंक' स्टॉक्स के बजाय मजबूत बैलेंस शीट वाली कंपनियों के पक्ष में काम करता है।
Wealth-Impact Simulator
See what a one-time investment could grow to.
Indicative estimate for education only — not investment advice.
Explore investmentsनिवेश विशेषज्ञ सौरभ मुखर्जी ने एक दुर्लभ वैल्यूएशन गैप की ओर इशारा किया है, जहाँ उच्च गुणवत्ता वाले स्टॉक्स वर्तमान में 'जंक' (घटिया) एसेट्स की तुलना में सस्ते हैं। उन्होंने रिटेल निवेशकों के लिए भारतीय वित्तीय सेवाओं और निर्यात विनिर्माण (export manufacturing) को शीर्ष क्षेत्रों के रूप में पहचाना है।
- ▸उच्च गुणवत्ता वाले स्टॉक्स वर्तमान में निम्न-श्रेणी के एसेट्स की तुलना में दुर्लभ, सामान्य से कम वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं।
- ▸भारतीय वित्तीय सेवाएँ और निर्यात-आधारित विनिर्माण लंबी अवधि की वृद्धि के लिए सबसे मजबूत घरेलू थीम बने हुए हैं।
- ▸आर्थिक तनाव सट्टा 'जंक' स्टॉक्स के बजाय मजबूत बैलेंस शीट वाली कंपनियों के पक्ष में काम करता है।
- ▸क्वालिटी और जंक एसेट्स के बीच वैल्यूएशन का अंतर वर्षों में सबसे कम है, जो एक सुरक्षित एंट्री पॉइंट प्रदान करता है।
- ✓उच्च गुणवत्ता वाले स्टॉक्स वर्तमान में निम्न-श्रेणी के एसेट्स की तुलना में दुर्लभ, सामान्य से कम वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं।
- ✓भारतीय वित्तीय सेवाएँ और निर्यात-आधारित विनिर्माण लंबी अवधि की वृद्धि के लिए सबसे मजबूत घरेलू थीम बने हुए हैं।
- ✓आर्थिक तनाव सट्टा 'जंक' स्टॉक्स के बजाय मजबूत बैलेंस शीट वाली कंपनियों के पक्ष में काम करता है।
- ✓क्वालिटी और जंक एसेट्स के बीच वैल्यूएशन का अंतर वर्षों में सबसे कम है, जो एक सुरक्षित एंट्री पॉइंट प्रदान करता है।
अक्सर सट्टा प्रवृत्तियों के दबदबे वाले बाजार में, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर की एक दुर्लभ खिड़की खुली है। मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के संस्थापक सौरभ मुखर्जी के अनुसार, भारत और वैश्विक बाजारों में उच्च गुणवत्ता वाले स्टॉक्स वर्तमान में पिछले कई वर्षों के अपने सबसे आकर्षक वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं। ET Alpha Wealth Summit में बोलते हुए, मुखर्जी ने उल्लेख किया कि शीर्ष स्तर की कंपनियों और निम्न-गुणवत्ता वाले 'जंक' स्टॉक्स के बीच कीमतों का अंतर काफी कम हो गया है, जिससे क्वालिटी एसेट्स असामान्य रूप से सस्ते हो गए हैं।
क्वालिटी की ओर झुकाव
वर्तमान आर्थिक परिदृश्य लंबे समय तक चलने वाले तनाव के दौर में प्रवेश कर रहा है, यह एक ऐसी अवधि है जो ऐतिहासिक रूप से लचीले व्यवसायों को कमजोर फंडामेंटल वाले व्यवसायों से अलग करती है। मुखर्जी का सुझाव है कि हालांकि बुल रन के दौरान उच्च-विकास वाले, निम्न-गुणवत्ता वाले एसेट्स अक्सर आगे रहते हैं, लेकिन अब हवा का रुख बदल रहा है। रिटेल निवेशकों के लिए, इसका मतलब है कि रिस्क-टू-रिवॉर्ड रेशियो अब मजबूत कैश फ्लो, कम कर्ज और प्रमाणित मैनेजमेंट टीमों वाली कंपनियों के पक्ष में आ गया है।
तीन प्रमुख निवेश थीम
मुखर्जी ने तीन विशिष्ट क्षेत्रों को रेखांकित किया जहाँ निवेशक अभी आकर्षक वैल्यू पा सकते हैं:
- भारतीय वित्तीय सेवाएँ: जैसे-जैसे घरेलू अर्थव्यवस्था परिपक्व हो रही है, अच्छी पूंजी वाले भारतीय बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) निरंतर वृद्धि हासिल करने के लिए तैयार हैं।
- निर्यात-उन्मुख विनिर्माण: वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की सेवा करने वाले भारतीय निर्माता तेजी पकड़ रहे हैं क्योंकि अंतरराष्ट्रीय फर्में चीनी उत्पादन के विकल्प तलाश रही हैं।
- वैश्विक स्मॉल और मिड-कैप: विशेष रूप से US और यूरोप में, विशिष्ट बाजार प्रभुत्व वाली छोटी कंपनियां वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण वर्तमान में अंडरवैल्यूड (कम मूल्यांकित) हैं।
वैल्यूएशन अब क्यों मायने रखता है
मुखर्जी के तर्क का मूल स्टॉक्स की सापेक्ष मूल्य निर्धारण (relative pricing) में निहित है। आमतौर पर, 'क्वालिटी' स्टॉक्स—वे जो निरंतर कमाई करते हैं—एक उच्च प्रीमियम की मांग करते हैं (वे बाजार के बाकी हिस्सों की तुलना में बहुत अधिक महंगे होते हैं)। हालांकि, हालिया बाजार अस्थिरता ने इन कीमतों को उस स्तर तक नीचे धकेल दिया है जहाँ वे अपने निम्न-गुणवत्ता वाले समकक्षों के समान ही किफायती हो गए हैं। यह 'दुर्लभ' घटना निवेशकों के लिए एक सुरक्षा कवच प्रदान करती है, क्योंकि वे अनिवार्य रूप से प्रीमियम व्यवसायों को छूट पर खरीद रहे हैं।
भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए संदेश स्पष्ट है: सट्टा आधारित पेनी स्टॉक्स या उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के पीछे भागने के बजाय, वर्तमान बाजार ब्लू-चिप और उच्च श्रेणी के मिड-कैप स्टॉक्स को संचित करने की अनुमति देता है जो आर्थिक मंदी का सामना कर सकते हैं।
प्रतिभूति बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है; निवेश करने से पहले सभी संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें। यह सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और वित्तीय सलाह नहीं है।
Community Pulse · This story
How readers rate the outlook after reading this article. Anonymous · one vote per reader · updates live.
Some listings may be sponsored and Arth Vani may earn a referral fee. All information is for educational purposes only — verify terms and suitability with the provider before acting. Not financial advice.
Frequently Asked Questions
सौरभ मुखर्जी का 'क्वालिटी' स्टॉक्स से क्या तात्पर्य है?
क्वालिटी स्टॉक्स उन कंपनियों को संदर्भित करते हैं जिनमें कॉर्पोरेट गवर्नेंस के उच्च मानक, निरंतर लाभ वृद्धि, कम कर्ज और आर्थिक मंदी के दौरान भी मजबूत कैश फ्लो उत्पन्न करने की क्षमता होती है।
क्वालिटी स्टॉक्स का 'सस्ता' होना दुर्लभ क्यों है?
निवेशक आमतौर पर क्वालिटी स्टॉक्स की सुरक्षा के लिए उच्च प्रीमियम का भुगतान करते हैं; वे आम तौर पर उच्च वैल्यूएशन पर ट्रेड करते हैं, लेकिन वर्तमान बाजार चक्रों ने जोखिम भरे स्टॉक्स की तुलना में उनकी कीमतों को अस्थायी रूप से नीचे ला दिया है।
क्या मुझे इस सलाह के आधार पर अपना पैसा भारतीय बैंकों में लगा देना चाहिए?
मुखर्जी ने भारतीय वित्तीय सेवाओं को उनके मजबूत फंडामेंटल के कारण एक शीर्ष थीम के रूप में पहचाना है, लेकिन निवेशकों को बड़े बदलाव करने से पहले अपनी जोखिम क्षमता की समीक्षा करनी चाहिए और विविधीकरण (diversification) करना चाहिए।
Join the Arth Vani channels
Daily news summaries, IPO & market alerts on Telegram and WhatsApp.
क्योंकि आपने Stock Market पढ़ा
IPOताज़ाIPO ग्रे मार्केट ट्रेंड्स: LEAP India, Technocraft Ventures और Dhoot Transmission अपडेट
LEAP India, Technocraft Ventures और Dhoot Transmission के तीन बड़े IPO इस सप्ताह प्राइमरी मार्केट में दस्तक देने के लिए तैयार हैं। लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में संभावित लिस्टिंग लाभ का आकलन करने के लिए निवेशक ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।
IPOताज़ाएच.आर. हाइजीन प्रोडक्ट्स का आईपीओ आज बीएसई एसएमई पर सूचीबद्ध; मामूली लिस्टिंग लाभ की उम्मीद
एच.आर. हाइजीन प्रोडक्ट्स आज बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर अपनी शुरुआत कर रहा है, एक आईपीओ के बाद जिसे 6.26 गुना सब्सक्राइब किया गया था। ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) ₹88 के ऊपरी निर्गम मूल्य पर लगभग 1% के छोटे लिस्टिंग लाभ का सुझाव देता है।
IPOताज़ामणिपाल हेल्थ के शेयर 11% प्रीमियम पर सूचीबद्ध: निवेशकों ने बाजार में शुरुआत पर बुक किए लाभ
मणिपाल हेल्थ ने आज शेयर बाजारों में सकारात्मक शुरुआत की, जो इश्यू प्राइस की तुलना में 11% से अधिक के प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुआ। शेयर एनएसई पर ₹652 और बीएसई पर ₹655 पर खुले, जिससे सफल आवंटियों को तत्काल लिस्टिंग लाभ मिला।
संबंधित खबरें
IPOताज़ाIPO ग्रे मार्केट ट्रेंड्स: LEAP India, Technocraft Ventures और Dhoot Transmission अपडेट
LEAP India, Technocraft Ventures और Dhoot Transmission के तीन बड़े IPO इस सप्ताह प्राइमरी मार्केट में दस्तक देने के लिए तैयार हैं। लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में संभावित लिस्टिंग लाभ का आकलन करने के लिए निवेशक ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।
IPOताज़ाएच.आर. हाइजीन प्रोडक्ट्स का आईपीओ आज बीएसई एसएमई पर सूचीबद्ध; मामूली लिस्टिंग लाभ की उम्मीद
एच.आर. हाइजीन प्रोडक्ट्स आज बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर अपनी शुरुआत कर रहा है, एक आईपीओ के बाद जिसे 6.26 गुना सब्सक्राइब किया गया था। ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) ₹88 के ऊपरी निर्गम मूल्य पर लगभग 1% के छोटे लिस्टिंग लाभ का सुझाव देता है।
IPOताज़ामणिपाल हेल्थ के शेयर 11% प्रीमियम पर सूचीबद्ध: निवेशकों ने बाजार में शुरुआत पर बुक किए लाभ
मणिपाल हेल्थ ने आज शेयर बाजारों में सकारात्मक शुरुआत की, जो इश्यू प्राइस की तुलना में 11% से अधिक के प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुआ। शेयर एनएसई पर ₹652 और बीएसई पर ₹655 पर खुले, जिससे सफल आवंटियों को तत्काल लिस्टिंग लाभ मिला।
IPOताज़ामोल्बायो डायग्नोस्टिक्स आईपीओ: मूल्य बैंड ₹768-₹807, 10 अगस्त को खुलेगा
मोल्बायो डायग्नोस्टिक्स ने अपना प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) ₹768 और ₹807 प्रति शेयर के मूल्य बैंड के साथ घोषित किया है। सदस्यता अवधि 10 अगस्त से 12 अगस्त तक खुली रहेगी।