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एआई स्टार्टअप फेदरी ने वेल्थ मैनेजमेंट टूल्स के लिए ₹250 करोड़ जुटाए
एआई-संचालित वेल्थ मैनेजमेंट पर केंद्रित स्टार्टअप फेदरी ने फंडिंग राउंड में $30 मिलियन (लगभग ₹250 करोड़) जुटाए हैं। इस पूंजी का उपयोग वित्तीय सलाहकार सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उन्नत टूल विकसित करने के लिए किया जाएगा।
अमीर भारतीय पारंपरिक फंडों को छोड़, डायरेक्ट अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट्स पर लगा रहे हैं दांव
भारत में हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) तेजी से प्राइवेट इक्विटी और रियल एस्टेट जैसे वैकल्पिक निवेशों (Alternative Investments) में सीधे निवेश के अवसर तलाश रहे हैं और पारंपरिक फंड स्ट्रक्चर से दूर हो रहे हैं। यह बदलाव नियंत्रण की इच्छा, संभावित रूप से अधिक रिटर्न और कम फीस की वजह से प्रेरित है, क्योंकि वे पारंपरिक शेयरों और बॉन्ड से इतर विविधता लाना चाहते हैं।
भारत बनाम अमेरिका: धन प्रबंधक एनआरआई को अगले दशक के लिए स्थानीय बाजारों पर दांव लगाने की सलाह क्यों दे रहे हैं
वित्तीय विशेषज्ञ अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) को अल्पकालिक अमेरिकी बाजार की तेजी को नजरअंदाज करने और भारतीय विकास की कहानी के प्रति प्रतिबद्ध रहने की सलाह दे रहे हैं। वैश्विक अस्थिरता के बावजूद, भारत के संरचनात्मक सुधार और मजबूत कॉर्पोरेट आय इसे धन सृजन के लिए एक बेहतर दीर्घकालिक गंतव्य बनाते हैं।
बेहतर रिटर्न चाहते हैं? क्यों एक सरल चेकलिस्ट आपका सबसे अच्छा निवेश टूल है
ज्यादातर रिटेल निवेशक अनुशासित प्रक्रिया के बजाय भावनाओं या बाजार के शोर (market noise) के कारण पैसे गंवा देते हैं। एक व्यवस्थित चेकलिस्ट का उपयोग करके, निवेशक पूर्वाग्रह (bias) को दूर कर सकते हैं और लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
निवेशक मधुसूदन केला ने ₹121 करोड़ का DLF फ्लैट खरीदा: क्यों 'अल्ट्रा-लक्जरी' बन रहा है वेल्थ बनाने का नया जरिया
दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला ने गुरुग्राम के 'द डाहलियास' (The Dahlias) में ₹120.71 करोड़ में एक अल्ट्रा-लक्जरी अपार्टमेंट खरीदा है। यह डील उस बढ़ते रुझान की ओर इशारा करती है जहां भारत के सबसे धनी व्यक्ति प्रीमियम आवासीय संपत्तियों को धन संरक्षण (wealth preservation) के लिए एक रणनीतिक संपत्ति के रूप में देख रहे हैं।
GIFT City: अब आप एक सुरक्षित भारतीय गेटवे के माध्यम से वैश्विक बाजारों में निवेश कर सकते हैं
भारतीय खुदरा निवेशक अब विनियमित GIFT IFSC ढांचे के माध्यम से कानूनी रूप से अपने पोर्टफोलियो को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विविधीकृत कर सकते हैं। यह नया सेतु (bridge) कर दक्षता और घर बैठे वैश्विक एक्सचेंजों तक पहुंच के माध्यम से परिवारों को अपनी संपत्ति बढ़ाने का एक सुरक्षित तरीका प्रदान करता है।
उच्च रिटर्न से परे: धनी भारतीय सोने और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर क्यों रुख कर रहे हैं
भारत के सबसे धनी निवेशक अपनी रणनीति को अधिकतम रिटर्न की तलाश से हटाकर मजबूत और विविध पोर्टफोलियो बनाने की ओर मोड़ रहे हैं। ET अल्फा वेल्थ समिट के विशेषज्ञों ने सोने, REITs जैसी स्थिर रिटर्न वाली संपत्तियों और AI-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती संभावनाओं पर जोर दिया है।
केवल भारतीय बाजारों पर निर्भर न रहें: आपके पोर्टफोलियो में ग्लोबल स्टॉक्स की आवश्यकता क्यों है
वित्तीय विशेषज्ञ भारतीय निवेशकों से अपने 'होम-कंट्री बायस' (स्वदेश के प्रति झुकाव) को छोड़ने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विविधता लाने का आग्रह कर रहे हैं। वैश्विक इक्विटी में निवेश करके, रिटेल निवेशक घरेलू अस्थिरता, मुद्रास्फीति और मुद्रा के उतार-चढ़ाव के खिलाफ अपनी संपत्ति की रक्षा कर सकते हैं।
InvITs की बढ़ती लोकप्रियता: इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्टों ने निवेशकों को ₹22,800 करोड़ वितरित किए
इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) नियमित आय चाहने वालों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बन रहे हैं, जिन्होंने पिछले वित्त वर्ष में यूनिटधारकों को ₹22,800 करोड़ वितरित किए। ₹7.1 लाख करोड़ के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) के साथ, यह क्षेत्र पारंपरिक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रहा है।
सस्ते दामों पर क्वालिटी स्टॉक्स: सौरभ मुखर्जी ने पहचाना बाजार में निवेश का दुर्लभ अवसर
निवेश विशेषज्ञ सौरभ मुखर्जी ने एक दुर्लभ वैल्यूएशन गैप की ओर इशारा किया है, जहाँ उच्च गुणवत्ता वाले स्टॉक्स वर्तमान में 'जंक' (घटिया) एसेट्स की तुलना में सस्ते हैं। उन्होंने रिटेल निवेशकों के लिए भारतीय वित्तीय सेवाओं और निर्यात विनिर्माण (export manufacturing) को शीर्ष क्षेत्रों के रूप में पहचाना है।
डिजिटल सरलता और त्वरित नकदी: भारतीय क्यों सोने और प्रॉपर्टी के बदले म्यूचुअल फंड चुन रहे हैं
भारत का निवेश परिदृश्य बदल रहा है क्योंकि खुदरा निवेशक भौतिक संपत्तियों से हटकर म्यूचुअल फंड की ओर बढ़ रहे हैं। यह बदलाव डिजिटल लेनदेन की सुगमता और इस अहसास से प्रेरित है कि रियल एस्टेट की तुलना में म्यूचुअल फंड नकदी तक बहुत तेज़ पहुंच प्रदान करते हैं।
ग्लोबल इन्वेस्टिंग: आपके पोर्टफोलियो के लिए अमेरिकी बाजार ही एकमात्र विकल्प क्यों नहीं है
वित्तीय विशेषज्ञ देविना मेहरा ने भारतीय निवेशकों को वैश्विक विविधीकरण (diversification) के लिए अमेरिकी शेयर बाजार से आगे देखने की सलाह दी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश करने से गिरते रुपये और घरेलू बाजार की अस्थिरता के खिलाफ संपत्ति की रक्षा करने में मदद मिलती है।
स्टॉक से आगे: संपन्न भारतीय निजी क्रेडिट और रियल एस्टेट की ओर क्यों रुख कर रहे हैं
भारत में हाई-नेट-वर्थ निवेशक पारंपरिक इक्विटी बाजारों से हटकर अपने पोर्टफोलियो में विविधता ला रहे हैं। वेल्थ मैनेजमेंट क्षेत्र के परिपक्व होने के साथ, निजी क्रेडिट और रियल एस्टेट फंड जैसे वैकल्पिक एसेट्स में रुचि तेजी से बढ़ रही है।
ग्लोबल स्टॉक्स की खरीदारी में जल्दबाजी न करें: आपकी संपत्ति के लिए स्थानीय आधार पहले क्यों मायने रखता है
ET Alpha Wealth Summit के विशेषज्ञों ने भारतीय निवेशकों को सलाह दी है कि वे अंतरराष्ट्रीय विविधीकरण (diversification) को स्थानीय बाजार की गिरावट के त्वरित समाधान के बजाय एक दीर्घकालिक रणनीति के रूप में देखें। हालांकि वैश्विक निवेश की लोकप्रियता बढ़ रही है, लेकिन धन सृजन के लिए एक ठोस घरेलू पोर्टफोलियो प्राथमिक इंजन बना हुआ है।
ग्रोथ आउटलुक पर UBS द्वारा ‘Buy’ रेटिंग जारी करने के बाद मोतीलाल ओसवाल के शेयरों में 5% का उछाल
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म UBS द्वारा सकारात्मक दृष्टिकोण पेश किए जाने के बाद शुक्रवार को मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों में बढ़त देखी गई। फर्म ने वित्तीय परिसंपत्तियों (financial assets) की ओर भारत के बढ़ते झुकाव और कंपनी के बढ़ते आवर्ती राजस्व (recurring revenue) को विकास के प्रमुख कारकों के रूप में रेखांकित किया।
बोरियत के कारण शेयर न बेचें: राजीव ठक्कर की स्टॉक्स से बाहर निकलने की 6-सूत्रीय गाइड
PPFAS Mutual Fund के CIO, राजीव ठक्कर ने खुदरा निवेशकों को बाजार की खबरों या बोरियत के चलते जल्दबाजी में शेयर बेचने के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने लंबी अवधि में धन सृजन सुनिश्चित करने के लिए निवेश से बाहर निकलने के विशिष्ट और तर्कसंगत कारणों को रेखांकित किया है।
जल्द अमीर बनने के नुस्खों को छोड़ें: राधिका गुप्ता ने बताया ₹100-करोड़ का पोर्टफोलियो बनाने का असली रास्ता
एडलवाइस म्यूचुअल फंड की MD राधिका गुप्ता ने रिटेल निवेशकों को तुरंत अमीर बनने के लिए सोशल मीडिया की सट्टा युक्तियों (tips) के पीछे भागने के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दीर्घकालिक वित्तीय सफलता मध्यम रिटर्न की उम्मीदों, अनुशासित एसेट एलोकेशन और अपनी प्राथमिक आय बढ़ाने से मिलती है।
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