US Stocks
US Stocks पर ताज़ा खबरें, व्याख्या और विश्लेषण। अर्थ वाणी पर 18 खबरें ट्रैक की जा रही हैं।
ग्राफ में जुड़े हुए
US Stocks पर ताज़ा
AT&T की 5.3% यील्ड: क्या SpaceX भारतीय निवेशकों के लिए एक वास्तविक खतरा है?
अमेरिकी टेलीकॉम दिग्गज AT&T वर्तमान में अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है, जो 5.3% की डिविडेंड यील्ड (dividend yield) प्रदान कर रहा है। इस गिरावट का आंशिक कारण SpaceX के Starlink से प्रतिस्पर्धा की चिंताएं हैं। वैश्विक विविधीकरण (global diversification) पर विचार करने वाले भारतीय निवेशकों को इन परिस्थितियों को समझना चाहिए।
SpaceX में निवेश का परोक्ष रास्ता: भारतीय निवेशक मस्क की स्पेस दिग्गज कंपनी तक कैसे पहुँच सकते हैं
जबकि एलन मस्क की SpaceX एक निजी कंपनी बनी हुई है, रिटेल निवेशक सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनियों के माध्यम से इसमें निवेश के परोक्ष तरीके खोज रहे हैं। कुछ 'पिटे हुए' शेयरों के पास वर्तमान में SpaceX में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है, जो रियायती दर पर प्रवेश का अवसर प्रदान करते हैं।
एन्थ्रोपिक का वैल्यूएशन $40 बिलियन पहुंचा: भारतीय निवेशक कैसे पा सकते हैं AI ग्रोथ का लाभ
OpenAI की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी AI स्टार्टअप एन्थ्रोपिक (Anthropic) का वैल्यूएशन हालिया फंडिंग राउंड के बाद लगभग ₹3.36 लाख करोड़ ($40 बिलियन) तक पहुंच गया है। हालांकि कंपनी अभी भी प्राइवेट है, लेकिन भारतीय रिटेल निवेशक उन वैश्विक टेक दिग्गजों के माध्यम से इसमें निवेश का अवसर पा सकते हैं जिन्होंने इस फर्म में भारी निवेश किया है।
भू-राजनीतिक शांति से अमेरिकी शेयर उछले; भारतीय बाजारों के लिए इसका क्या मतलब है?
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार तेजी के साथ खुले, जो अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से निवेशकों को मिली राहत को दर्शाता है। वैश्विक तनाव में यह कमी अक्सर निवेशक भावना और विदेशी पूंजी प्रवाह को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है, जिसका भारतीय इक्विटी बाजारों पर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है।
ईरान तनाव में कमी से अमेरिकी शेयरों में उछाल; तकनीकी शेयरों ने रैली की अगुवाई की, डाउ रिकॉर्ड उच्च स्तर पर
प्रमुख अमेरिकी शेयर बाजार काफी मजबूती के साथ बंद हुए, डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ने रिकॉर्ड क्लोजिंग हासिल की। यह उछाल मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव में कमी के साथ-साथ प्रौद्योगिकी कंपनियों के दमदार प्रदर्शन के कारण हुआ। तकनीकी शेयरों से भरा नैस्डेक सूचकांक 2% से अधिक उछला।
वैश्विक निवेशकों ने अमेरिकी संपत्तियों में ₹8.58 लाख करोड़ डाले: भारतीय पोर्टफोलियो पर प्रभाव
विदेशी निवेशकों ने अप्रैल में अमेरिकी दीर्घकालिक प्रतिभूतियों (long-term securities) में $103 बिलियन (₹8.58 लाख करोड़) से अधिक जोड़े, जो अमेरिकी बाजारों में उच्च विश्वास का संकेत है। मांग में इस उछाल का सीधा प्रभाव अमेरिकी डॉलर की मजबूती और भारतीय निवेशकों के पास मौजूद अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंड के रिटर्न पर पड़ता है।
AI बूम ने अमेरिकी टेक स्टॉक्स को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया: भारतीय म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए एक गाइड
पिछले एक साल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च ने अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी तेजी पैदा की है। अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंडों में निवेश करने वाले भारतीय रिटेल निवेशकों को इस ट्रेंड पर नजर रखनी चाहिए क्योंकि बाजार का लाभ अब कुछ ही बड़ी टेक कंपनियों में केंद्रित हो गया है।
Zerodha, Groww, Angel One को मिला GIFT City का अप्रूवल: US Stocks में निवेश करना होगा और भी आसान
भारत की टॉप चार ब्रोकरेज फर्मों को GIFT City में काम करने के लिए नियामक मंजूरी मिल गई है। इस कदम से रिटेल निवेशक अपने मौजूदा ट्रेडिंग ऐप्स के जरिए अमेरिकी शेयर आसानी से खरीद सकेंगे, जिससे रेमिटेंस (धन प्रेषण) से जुड़ी पारंपरिक बाधाएं खत्म हो जाएंगी।
SpaceX का डेब्यू बना इंडेक्स वॉर की वजह: अमेरिकी शेयरों में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों के लिए इसके क्या मायने हैं
एलन मस्क की SpaceX के पब्लिक मार्केट में प्रवेश ने प्रमुख अमेरिकी स्टॉक इंडेक्स के बीच असहमति पैदा कर दी है। जहां Nasdaq ने इस स्पेस दिग्गज को अपना लिया है, वहीं S&P 500 के सतर्क रुख ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों द्वारा हाई-ग्रोथ टेक शेयरों को संभालने के तरीके में बढ़ते अंतर को उजागर किया है।
Adobe के शेयरों में 2026 की गिरावट: क्या यह क्रिएटिव दिग्गज एक अवसर है या AI वैल्यू ट्रैप?
शानदार कमाई दर्ज करने के बावजूद, Adobe को बाजार में भारी बिकवाली का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि निवेशक AI-प्रधान परिदृश्य में इसके भविष्य का आकलन कर रहे हैं। अमेरिकी टेक शेयरों में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों के लिए, यह गिरावट सवाल खड़े करती है कि क्या यह खरीदारी का मौका है या गहरे संरचनात्मक जोखिमों का संकेत।
ग्लोबल इन्वेस्टिंग: आपके पोर्टफोलियो के लिए अमेरिकी बाजार ही एकमात्र विकल्प क्यों नहीं है
वित्तीय विशेषज्ञ देविना मेहरा ने भारतीय निवेशकों को वैश्विक विविधीकरण (diversification) के लिए अमेरिकी शेयर बाजार से आगे देखने की सलाह दी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश करने से गिरते रुपये और घरेलू बाजार की अस्थिरता के खिलाफ संपत्ति की रक्षा करने में मदद मिलती है।
Oracle के शेयरों में 12% की भारी गिरावट; AI पर भारी खर्च और बढ़ते कर्ज ने वैश्विक निवेशकों को चौंकाया
क्लाउड दिग्गज Oracle के शेयरों में भारी पूंजीगत व्यय (Capex) और बढ़ते कर्ज के स्तर को लेकर चिंताओं के कारण बड़ी गिरावट देखी गई। अमेरिकी टेक दिग्गज के शेयरों में इस गिरावट का असर उन भारतीय रिटेल निवेशकों पर पड़ेगा, जिनका म्यूचुअल फंड या डायरेक्ट इक्विटी के जरिए अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में निवेश है।
अमेरिकी बाजारों में 1% से अधिक की गिरावट; टेक शेयरों में बिकवाली और भू-राजनीतिक तनाव से निवेशक सहमे
प्रमुख अमेरिकी शेयर सूचकांकों में बुधवार को भारी गिरावट देखी गई क्योंकि निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे टेक्नोलॉजी शेयरों से हाथ खींच लिए। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने इस गिरावट को और हवा दी, जिससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता की लहर पैदा हो गई।
SpaceX की ऐतिहासिक ₹150 लाख करोड़ की वैल्यूएशन पर नज़र: भारतीय निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें
एलन मस्क की SpaceX एक विशाल पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी कर रही है जिससे कंपनी की वैल्यूएशन $1.8 ट्रिलियन (लगभग ₹150 लाख करोड़) हो सकती है। हालांकि यह IPO निजी अंतरिक्ष रेस का हिस्सा बनने का मौका दे रहा है, विशेषज्ञ कंपनी के विज़नरी लक्ष्यों की तुलना उसके वर्तमान घाटे से कर रहे हैं।
ग्लोबल टेक सेल-ऑफ और भू-राजनीतिक तनाव ने अमेरिकी बाजारों को नीचे धकेला
बुधवार की शुरुआत में प्रमुख अमेरिकी शेयर सूचकांकों में गिरावट का रुख रहा, क्योंकि टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी गिरावट सकारात्मक मुद्रास्फीति (inflation) के आंकड़ों पर भारी पड़ी। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की धारणा को और कमजोर कर दिया है, जिससे भारतीय इंटरनेशनल फंड निवेशकों के लिए संभावित प्रभाव पैदा हो सकते हैं।
Elon Musk की SpaceX मेगा IPO की तैयारी में: भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए क्या जानना जरूरी है
खबरों के अनुसार SpaceX एक बड़े पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी कर रही है जो वॉल स्ट्रीट के पारंपरिक मानदंडों को चुनौती देती है। भारतीय निवेशकों के लिए, यह लिबरलाइज्ड रेमिटेंस रूट (LRS) के माध्यम से वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनने का एक अनूठा अवसर है।
टेक बिकवाली और भू-राजनीतिक तनाव से अमेरिकी बाजारों में गिरावट, निवेशकों में घबराहट
टेक्नोलॉजी शेयरों में आई संक्षिप्त रिकवरी के खत्म होने और नए बिकवाली दबाव के कारण मंगलवार को वॉल स्ट्रीट के सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) के आंकड़ों ने वैश्विक बाजारों को अस्थिर कर दिया है, जो भारतीय इक्विटी बाजारों के लिए सतर्क शुरुआत का संकेत है।
टेक शेयरों में रिकवरी से अमेरिकी बाजारों में उछाल; भू-राजनीतिक तनाव कम होने से मिली राहत
सोमवार को नैस्डैक जैसे प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों में तेजी आई क्योंकि हालिया बिकवाली के बाद निवेशकों ने फिर से टेक्नोलॉजी और चिपमेकिंग शेयरों का रुख किया। मध्य पूर्व में कम होते तनाव और सेमीकंडक्टर कंपनियों को मिले नए ऑर्डर्स ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों के उत्साह को बढ़ाया है।
Some listings may be sponsored and Arth Vani may earn a referral fee. All information is for educational purposes only — verify terms and suitability with the provider before acting. Not financial advice.