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चीन में AI की सफलता से Apple को मिली वैश्विक बढ़त
Apple ने चीन के बाज़ार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के एकीकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस विकास से कंपनी के वैश्विक स्टॉक प्रदर्शन को मजबूत गति मिलने की उम्मीद है, जिसमें अमेरिकी टेक शेयरों में निवेश करने वाले भारतीय निवेशक भी शामिल हैं।
IT मंत्रालय ने सरकारी विभागों को OpenAI और Anthropic मॉडल्स का उपयोग रोकने की सलाह दी
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कथित तौर पर विदेशी AI मॉडल्स की तैनाती के संबंध में केंद्रीय मंत्रालयों को एक चेतावनी पत्र जारी किया है। यह एडवाइजरी संवेदनशील सरकारी डेटा के लिए OpenAI और Anthropic जैसे प्लेटफार्मों से जुड़े संभावित साइबर सुरक्षा जोखिमों पर प्रकाश डालती है।
आईटी मंत्रालय ने सरकारी विभागों को OpenAI और Anthropic मॉडल का उपयोग रोकने की सलाह दी
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने कथित तौर पर विदेशी एआई (AI) मॉडल की तैनाती के संबंध में केंद्रीय मंत्रालयों को एक चेतावनी नोट जारी किया है। यह सलाह संवेदनशील सरकारी डेटा के लिए OpenAI और Anthropic जैसे प्लेटफार्मों से जुड़े संभावित साइबर सुरक्षा जोखिमों पर प्रकाश डालती है।
बैंकिंग को नया आकार देता AI: भारतीय बैंकों के लिए 'बिल्ड बनाम बाय' का निर्णय
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मौलिक रूप से बदल रहा है कि बैंक तकनीकी विकास को कैसे देखते हैं, जिससे यह प्रभावित हो रहा है कि वे समाधान इन-हाउस विकसित करें या बाहरी वेंडरों से खरीदें। यह बदलाव भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में दक्षता, लागत और नवाचार के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखता है।
एन्थ्रोपिक का वैल्यूएशन $40 बिलियन पहुंचा: भारतीय निवेशक कैसे पा सकते हैं AI ग्रोथ का लाभ
OpenAI की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी AI स्टार्टअप एन्थ्रोपिक (Anthropic) का वैल्यूएशन हालिया फंडिंग राउंड के बाद लगभग ₹3.36 लाख करोड़ ($40 बिलियन) तक पहुंच गया है। हालांकि कंपनी अभी भी प्राइवेट है, लेकिन भारतीय रिटेल निवेशक उन वैश्विक टेक दिग्गजों के माध्यम से इसमें निवेश का अवसर पा सकते हैं जिन्होंने इस फर्म में भारी निवेश किया है।
SpaceXAI, कर्सर के साथ मिलकर नया AI मॉडल लॉन्च करेगा, द इंफॉर्मेशन की रिपोर्ट
द इंफॉर्मेशन की रिपोर्ट के अनुसार, SpaceXAI कथित तौर पर कर्सर के सहयोग से बुधवार तक एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रहा है। यह विकास प्रतिस्पर्धी AI परिदृश्य में SpaceXAI के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
डेटा गोपनीयता अलर्ट: वैश्विक तकनीकी नेता AI के साथ व्यावसायिक डेटा साझा करने के खिलाफ क्यों चेतावनी दे रहे हैं
प्रमुख तकनीकी निवेशक और सीईओ व्यवसायों को OpenAI और Anthropic जैसे सार्वजनिक AI मॉडल में मालिकाना डेटा डालने के जोखिमों के बारे में चेतावनी दे रहे हैं। यह सावधानी इस चिंता के बाद आई है कि संवेदनशील कंपनी जानकारी का उपयोग प्रतिद्वंद्वी प्रणालियों को प्रशिक्षित करने के लिए किया जा सकता है, जिससे बौद्धिक संपदा से समझौता हो सकता है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नजर AI के प्रभाव पर: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए इसके क्या हैं मायने
अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस बात का बारीकी से परीक्षण कर रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उसकी अर्थव्यवस्था को कैसे बदल सकता है, जो उत्पादकता, विकास और मुद्रास्फीति को प्रभावित करेगा। हालांकि यह अध्ययन अमेरिका पर केंद्रित है, लेकिन AI द्वारा संचालित ये वैश्विक बदलाव अंततः भारत के आर्थिक भविष्य और नीतिगत निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान कर सकते हैं।
चैटबॉट से आगे: आर्थिक विकास के लिए भारत को क्यों चाहिए एक स्थानीय AI इकोसिस्टम
विश्व बैंक की एक नई रिपोर्ट बताती है कि भारत जैसे उभरते बाजारों को विदेशी AI मॉडल का उपयोग करने से आगे बढ़कर स्थानीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की आवश्यकता है। एक स्वदेशी AI इकोसिस्टम का निर्माण दीर्घकालिक उत्पादकता और तकनीकी-भारी निवेश पोर्टफोलियो के मूल्यांकन को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है।
Jio IPO: टेलीकॉम से आगे, रिलायंस की नज़र AI और स्पेस-टेक लीडरशिप पर
Jio Platforms एक ऐतिहासिक IPO की तैयारी कर रहा है, जो एक मोबाइल प्रदाता से 'डीप-टेक' (deep-tech) पावरहाउस के रूप में इसके परिवर्तन का संकेत देता है। 53 करोड़ यूजर्स और 'सोवरेन AI' (Sovereign AI) व सैटेलाइट ब्रॉडबैंड पर ध्यान केंद्रित करते हुए, कंपनी का लक्ष्य भारत के डिजिटल भविष्य का मुख्य वास्तुकार बनना है।
रिलायंस जियो IPO: मुकेश अंबानी ने 6G और AI को मजबूती देने के लिए ₹27,500 करोड़ का कर्ज घटाने पर नजरें टिकाईं
रिलायंस जियो एक बड़े सार्वजनिक लिस्टिंग (IPO) की तैयारी कर रहा है, जिसमें वह जुटाई गई राशि में से ₹27,500 करोड़ का उपयोग मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए करने की योजना बना रहा है। यह रणनीतिक कदम कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए उठाया गया है, जिससे 6G तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में आक्रामक निवेश का रास्ता साफ होगा।
भारतीय आईटी स्टॉक्स: अल्पावधि उतार-चढ़ाव के बावजूद एआई (AI) का डर क्यों बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा सकता है
भारतीय आईटी क्षेत्र में एआई (AI) व्यवधान को लेकर चिंता बनी हुई है, लेकिन बाजार विशेषज्ञ शेषाद्री सेन का मानना है कि लंबी अवधि का दृष्टिकोण आशाजनक बना हुआ है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि घरेलू खपत और औद्योगिक क्षेत्रों में विकास के बेहतर अवसर उभर रहे हैं।
AI का उत्साह और तेल की राजनीति: भारतीय निवेशकों को बाजार की तेजी से परे क्यों देखना चाहिए
वैश्विक रणनीतिकार डेविड रोश ने चेतावनी दी है कि मौजूदा AI-प्रेरित बाजार की तेजी लंबे समय तक टिकने वाली नहीं हो सकती है, भले ही तेल की गिरती कीमतें मुद्रास्फीति (महंगाई) के लिए अस्थायी राहत प्रदान करती हों। हालांकि भारतीय बाजारों को ईंधन की कम लागत से लाभ हो सकता है, लेकिन मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक बदलाव छिपे हुए दीर्घकालिक जोखिम पैदा करते हैं।
एक्सेंचर (Accenture) के कमजोर आउटलुक से AI का डर बढ़ा: क्या भारतीय आईटी निवेशकों को चिंतित होना चाहिए?
वैश्विक टेक दिग्गज एक्सेंचर ने नए ऑर्डर में भारी गिरावट दर्ज की है और अपने विकास अनुमान (growth forecast) में कटौती की है, जिससे यह चिंता पैदा हो गई है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पारंपरिक आईटी सेवाओं को धीमा कर सकता है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि टीसीएस (TCS) और इन्फोसिस (Infosys) जैसी भारतीय दिग्गज कंपनियां इस बदलाव से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।
Accenture की रिकॉर्ड गिरावट भारतीय आईटी (IT) निवेशकों के लिए चेतावनी क्यों है?
वैश्विक आईटी दिग्गज Accenture ने हाल ही में अपने राजस्व लक्ष्यों (revenue targets) में कटौती और नए सौदों की बुकिंग में सुस्ती के कारण अपने शेयर में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट देखी। भारतीय खुदरा निवेशकों के लिए, यह मंदी घरेलू आईटी क्षेत्र और सेक्टर-विशिष्ट म्यूचुअल फंड के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत है।
HFCL के शेयरों में 6 महीनों में 200% की बढ़त: AI की लहर भारतीय डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को कैसे दे रही है रफ्तार
स्वदेशी ऑप्टिकल फाइबर निर्माता HFCL ने वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बूम के दम पर मात्र छह महीनों में निवेशकों को लगभग 200% का रिटर्न दिया है। यह कंपनी भारत के तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर और दूरसंचार क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रदाता के रूप में उभर रही है।
Wipro ने बेंगलुरु में AI इनोवेशन हब लॉन्च किया; Anthropic के Claude मॉडल्स पर रहेगा ध्यान
Wipro ने वैश्विक ग्राहकों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बड़े पैमाने पर लागू करने के उद्देश्य से बेंगलुरु में एक नया 'Applied AI Center of Excellence' स्थापित किया है। यह टेक दिग्गज एक 'AI-फर्स्ट' कंसल्टिंग फर्म बनने की दिशा में 10,000 कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की योजना बना रहा है।
HCL Tech ने Sarvam AI में ₹1,427 करोड़ के निवेश के साथ GenAI पर लगाया बड़ा दांव
भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी, HCL Tech ने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमताओं को बढ़ाने के लिए Sarvam AI के नवीनतम फंडिंग राउंड में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की है। यह रणनीतिक कदम ऐसे समय में आया है जब पारंपरिक आईटी विकास धीमा हो रहा है, जो हाई-टेक एंटरप्राइज सॉल्यूशंस की ओर एक बड़े बदलाव का संकेत देता है।
Foxconn के साथ ग्लोबल AI डील के बाद Schneider Electric Infrastructure में लगा अपर सर्किट
फ्रांसीसी पैरेंट कंपनी द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक बड़ी साझेदारी की घोषणा के बाद Schneider Electric Infrastructure के शेयरों में भारी उछाल आया और वे अपनी दैनिक सीमा (upper circuit) पर पहुंच गए। Foxconn के साथ इस डील का उद्देश्य एडवांस AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है, जिससे भारतीय सहायक कंपनी को दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है।
Adobe के शेयरों में 2026 की गिरावट: क्या यह क्रिएटिव दिग्गज एक अवसर है या AI वैल्यू ट्रैप?
शानदार कमाई दर्ज करने के बावजूद, Adobe को बाजार में भारी बिकवाली का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि निवेशक AI-प्रधान परिदृश्य में इसके भविष्य का आकलन कर रहे हैं। अमेरिकी टेक शेयरों में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों के लिए, यह गिरावट सवाल खड़े करती है कि क्या यह खरीदारी का मौका है या गहरे संरचनात्मक जोखिमों का संकेत।
बाजार के शोर को नज़रअंदाज़ करें: एक्सपर्ट ने AI और ग्लोबल केपेक्स को भारत के लिए बड़ी जीत बताया
निवेश दिग्गज हिरेन वेद ने रिटेल निवेशकों को सलाह दी है कि वे अल्पकालिक बाजार की चिंता को छोड़ दें और ग्लोबल कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) साइकिल जैसे संरचनात्मक बदलावों पर ध्यान केंद्रित करें। जबकि आय (earnings) को लेकर डर बना हुआ है, AI क्रांति और मैन्युफैक्चरिंग में भारत की भूमिका लंबी अवधि के विकास का एक शक्तिशाली चालक बनी हुई है।
FII की बिकवाली की चिंता न करें: क्यों AI को अपनाना भारत का नया 'Opportunity Kaal' है
दिग्गज निवेशक हिरेन वेद ने रिटेल निवेशकों से अनुरोध किया है कि वे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के बाहर निकलने की चिंता छोड़कर उन घरेलू कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करें जो आक्रामक रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपना रही हैं। उनका मानना है कि AI अगले पांच वर्षों में भारतीय बाजार में प्रदर्शन का एक बड़ा अंतर पैदा करेगा।
अपने रिटर्न की उम्मीदों को संतुलित करें: भारतीय निवेशकों के लिए 12% अब नया 'गोल्ड स्टैंडर्ड' क्यों है
जैसे-जैसे भारत की अर्थव्यवस्था मैन्युफैक्चरिंग और व्यापार जैसे विविध विकास कारकों की ओर बढ़ रही है, विशेषज्ञ रिटेल निवेशकों को अपने रिटर्न की उम्मीदें कम करने की चेतावनी दे रहे हैं। जबकि AI और वित्तीयकरण (financialization) नए अवसर प्रदान कर रहे हैं, लंबी अवधि की संपत्ति के लिए अब 12% के अल्फा लक्ष्य को एक यथार्थवादी बेंचमार्क माना जा रहा है।
मजबूत ऑर्डर बुक के बीच Persistent Systems में उछाल, लेकिन AI के कारण रेवेन्यू पर चिंता बरकरार
मजबूत ऑर्डर बुक और AI क्षेत्र में प्रगति के चलते निवेशकों के बीच बढ़ते उत्साह से Persistent Systems के शेयरों में तेजी आ रही है। हालांकि, विश्लेषकों ने राजस्व में संभावित गिरावट की चेतावनी दी है क्योंकि ग्राहक नई तकनीकों को अपनाने के लिए अपने खर्च के पैटर्न में बदलाव कर रहे हैं।
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