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भारतीय आईटी शेयरों में उछाल: टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक ने निफ्टी आईटी में बढ़त का नेतृत्व किया
टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसी प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में सोमवार को उल्लेखनीय उछाल देखा गया, जिससे निफ्टी आईटी सूचकांक में लगभग 4% की वृद्धि हुई। यह उछाल व्यापक बाजार में कमजोरी के बावजूद हुआ, जो आईटी क्षेत्र के भीतर मजबूत प्रदर्शन का संकेत देता है।
भारतीय आईटी शेयरों में 4% तक की उछाल, निवेशक Q1 आय में सुधार की उम्मीद में
टीसीएस और इंफोसिस जैसी प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियों ने आज 4% तक की महत्वपूर्ण रिकवरी दर्ज की, जबकि व्यापक एशियाई तकनीकी बाजारों में बिकवाली जारी रही। निवेशक आगामी तिमाही परिणामों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि यह देखा जा सके कि क्या यह क्षेत्र हाल ही में AI-संबंधित विकास चिंताओं को दूर कर सकता है।
इंफोसिस का साप्ताहिक प्रदर्शन: नकारात्मक रुझान निवेशकों को सचेत करता है
एक प्रमुख भारतीय आईटी कंपनी इंफोसिस ने अपने साप्ताहिक शेयर प्रदर्शन में नकारात्मक रुझान दर्ज किया है। भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक प्रमुख संकेत स्टॉक (बेलवेदर) के रूप में इंफोसिस की स्थिति को देखते हुए, यह विकास उन निवेशकों के लिए उल्लेखनीय है जो अपने इक्विटी पोर्टफोलियो पर नज़र रखते हैं। खुदरा निवेशकों को ऐसे अल्पकालिक उतार-चढ़ाव की निगरानी करनी चाहिए, लेकिन व्यापक बाजार संदर्भ और दीर्घकालिक संभावनाओं पर भी विचार करना चाहिए।
मार्केट रैप: IT में गिरावट से निफ्टी की तेजी पर लगा ब्रेक; मिड-कैप और बैंकिंग की मजबूती पर विशेषज्ञों का भरोसा
पांच दिनों की बढ़त के बाद, शुक्रवार को भारतीय बाजारों में सुस्ती देखी गई क्योंकि IT शेयरों में भारी बिकवाली हुई। जबकि निफ्टी अनिश्चितता के संकेत दे रहा है, विश्लेषकों को बैंकिंग क्षेत्र में निरंतर मजबूती और मिड-कैप व स्मॉल-कैप शेयरों में आशाजनक वृद्धि दिख रही है।
टेक चेतावनी: एक्सेंचर की 20% की गिरावट भारतीय आईटी दिग्गजों के लिए कठिन समय का संकेत है
निराशाजनक तिमाही परिणामों और सतर्क भविष्य के दृष्टिकोण के बाद एक्सेंचर के शेयरों में लगभग 20% की गिरावट आई। यह गिरावट भारतीय आईटी निवेशकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है, क्योंकि यह कंपनी TCS और Infosys जैसे दिग्गजों के प्रदर्शन के लिए एक प्रमुख अग्रदूत (lead indicator) है।
आईटी शेयरों में भारी बिकवाली: Nifty IT 3 साल के निचले स्तर पर, Infosys और HCL Tech के नेतृत्व में 6% की गिरावट
भारतीय आईटी क्षेत्र में आज भारी बिकवाली देखी गई, जिससे वैश्विक दिग्गज Accenture के कमजोर राजस्व पूर्वानुमान के बाद Nifty IT इंडेक्स 6% से अधिक गिर गया। जबकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि कम कीमतें खरीदारी का अवसर दे रही हैं, अन्य एआई और सुस्त वैश्विक मांग से उत्पन्न होने वाले दीर्घकालिक जोखिमों के प्रति सचेत कर रहे हैं।
एक्सेंचर (Accenture) का सतर्क दृष्टिकोण: आपके भारतीय आईटी स्टॉक पोर्टफोलियो के लिए इसके क्या मायने हैं
एक्सेंचर का नवीनतम प्रदर्शन वैश्विक आईटी क्षेत्र के लिए धीमी वृद्धि और ग्राहकों द्वारा सावधानीपूर्वक खर्च किए जाने के दौर का संकेत देता है। हालांकि यह TCS और Infosys जैसी दिग्गज भारतीय कंपनियों के लिए अल्पावधि में अस्थिरता का संकेत है, लेकिन कम वैल्यूएशन और AI का उदय धैर्यवान निवेशकों के लिए दीर्घकालिक अवसर प्रदान करता है।
एक्सेंचर (Accenture) के कमजोर आउटलुक से AI का डर बढ़ा: क्या भारतीय आईटी निवेशकों को चिंतित होना चाहिए?
वैश्विक टेक दिग्गज एक्सेंचर ने नए ऑर्डर में भारी गिरावट दर्ज की है और अपने विकास अनुमान (growth forecast) में कटौती की है, जिससे यह चिंता पैदा हो गई है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पारंपरिक आईटी सेवाओं को धीमा कर सकता है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि टीसीएस (TCS) और इन्फोसिस (Infosys) जैसी भारतीय दिग्गज कंपनियां इस बदलाव से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।
इंफोसिस के शेयरों में 9% की गिरावट: आईटी सेक्टर में वैश्विक चुनौतियों के चलते ₹40,000 करोड़ स्वाहा
इंफोसिस के शेयरों में आज भारी गिरावट आई और यह 52-हफ्तों के नए निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे कुछ ही मिनटों में बाजार मूल्य से लगभग ₹40,000 करोड़ साफ हो गए। यह गिरावट वैश्विक दिग्गज कंपनी एक्सेंचर (Accenture) द्वारा राजस्व अनुमान घटाने के बाद आई है, जिससे भारतीय आईटी क्षेत्र में व्यापक मंदी की आशंका बढ़ गई है।
IT सेक्टर में भारी गिरावट: क्यों TCS और Infosys ने एक ही दिन में गंवाए ₹1.35 लाख करोड़
वैश्विक दिग्गज कंपनी एक्सेंचर (Accenture) द्वारा अपने विकास के अनुमान में कटौती करने के बाद भारतीय आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे निवेशकों की ₹1.35 लाख करोड़ की संपत्ति स्वाहा हो गई। यह गिरावट एआई (AI) से होने वाले व्यवधान और वैश्विक तकनीकी खर्च में मंदी को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है।
मार्केट अपडेट: IT शेयरों में गिरावट के चलते सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के नीचे फिसला
भारतीय शेयर बाजार में पिछले पांच दिनों से जारी तेजी का सिलसिला शुक्रवार को अचानक थम गया और सेंसेक्स में 700 अंकों की भारी गिरावट आई। प्रमुख IT शेयरों में भारी बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण निफ्टी 50 महत्वपूर्ण 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया।
IT शेयरों पर अलर्ट: एक्सेंचर द्वारा गाइडेंस में कटौती भारतीय निवेशकों के लिए चेतावनी
ग्लोबल टेक दिग्गज एक्सेंचर (Accenture) ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने राजस्व वृद्धि (revenue growth) के अनुमान को कम कर दिया है, जो क्लाइंट खर्च में संभावित मंदी का संकेत है। इस खबर के कारण इंफोसिस और विप्रो जैसी प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियों के अमेरिकी बाजारों में लिस्टेड शेयरों (ADRs) में भारी गिरावट आई, जिससे घरेलू रिटेल निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
बाजार में लगातार पांचवें दिन बढ़त: RIL, HDFC बैंक और IT दिग्गज फोकस में
भारतीय शेयर बाजारों ने गुरुवार को लगातार पांचवें सत्र में अपनी तेजी जारी रखी, जिसे सकारात्मक वैश्विक माहौल से समर्थन मिला। रिलायंस की हाई-प्रोफाइल एजीएम (AGM) के करीब आने और आईटी दिग्गजों के फोकस में होने के साथ, रिटेल निवेशक बाजार को प्रभावित करने वाले ट्रिगर्स पर पैनी नजर रख रहे हैं।
IT शेयरों पर दबाव: वैश्विक मांग कमजोर होने से Infosys और Wipro के ADRs में भारी गिरावट
वैश्विक दिग्गज टेक कंपनी Accenture द्वारा अपने राजस्व वृद्धि अनुमान को घटाने के बाद भारतीय IT शेयरों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। Infosys और Wipro के अमेरिकी-सूचीबद्ध शेयरों (ADRs) में भारी गिरावट आई क्योंकि निवेशकों को डर है कि वैश्विक ग्राहक गैर-जरूरी टेक्नोलॉजी खर्चों में कटौती कर रहे हैं।
एक्सेंचर ने राजस्व पूर्वानुमान में की कटौती: भारतीय आईटी शेयरों के लिए खतरे की घंटी
आईटी दिग्गज एक्सेंचर (Accenture) ने अपने वार्षिक राजस्व विकास के अनुमान को कम कर दिया है क्योंकि वैश्विक कंपनियां विवेकाधीन (discretionary) टेक्नोलॉजी खर्च में कटौती कर रही हैं। इस कदम से इसके शेयर में 11% की गिरावट आई है, जो टीसीएस (TCS) और इंफोसिस (Infosys) जैसी भारतीय आईटी कंपनियों के लिए आने वाले समय में एक चुनौतीपूर्ण दौर का संकेत देता है।
IT शेयरों में गिरावट: क्यों अमेरिकी ब्याज दरों के डर ने TCS, Infosys और Wipro को हिला दिया है
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी के संकेत देने के बाद प्रमुख भारतीय IT कंपनियों के शेयरों में 3% तक की गिरावट आई। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि उत्तरी अमेरिकी ग्राहक टेक्नोलॉजी खर्च में कटौती करेंगे, जिसका सीधा असर भारतीय टेक राजस्व पर पड़ेगा।
बाजार में उतार-चढ़ाव: 23,000 के सपोर्ट स्तर पर टिकी निगाहें; Vedanta और RIL कॉर्पोरेट खबरों में आगे
कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों में बिकवाली का दबाव देखा गया। निवेशक 23,000 के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं Vedanta, Reliance Industries और Infosys की बड़ी हलचल के कारण ये शेयर सुर्खियों में हैं।
IT शेयरों पर दबाव: क्यों आज Infosys, HCLTech और अन्य गिर रहे हैं
प्रमुख भारतीय IT कंपनियों के शेयरों में 3% तक की गिरावट आई है, जिसका कारण अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती में देरी और तकनीक पर होने वाले खर्च में बदलाव की चिंताएं हैं। अमेरिका में उच्च मुद्रास्फीति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उदय से सेक्टर की ग्रोथ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे निवेशक सतर्क हैं।
Infosys Dividend: ₹25 के डिविडेंड के लिए शेयर खरीदने का आज आखिरी मौका
रिटेल निवेशकों के पास ₹25 प्रति शेयर के डिविडेंड का लाभ उठाने के लिए आज ट्रेडिंग सत्र के अंत तक Infosys के शेयर खरीदने का समय है। आईटी दिग्गज ने 10 जून को रिकॉर्ड डेट तय की है, जिससे मौजूदा T+1 सेटलमेंट नियमों के तहत आज खरीदारी की अंतिम समय-सीमा है।
Infosys के शेयर प्रमुख तकनीकी स्तरों से नीचे गिरे; विश्लेषकों को अल्पावधि में कमजोरी की आशंका
भारत की दूसरी सबसे बड़ी IT निर्यातक कंपनी, Infosys के शेयरों में बिकवाली देखी गई क्योंकि शेयर अपने 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से नीचे गिर गया। यह तकनीकी ब्रेकडाउन मोमेंटम में बदलाव का संकेत देता है जो निकट भविष्य में खुदरा निवेशकों और म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो को प्रभावित कर सकता है।
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