Market Crash
Market Crash पर ताज़ा खबरें, व्याख्या और विश्लेषण। अर्थ वाणी पर 10 खबरें ट्रैक की जा रही हैं।
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चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड स्तर से भारी गिरावट: क्या रिटेल निवेशकों के लिए यह खरीदारी का सही समय है?
MCX पर चांदी की कीमतों में भारी सुधार (correction) देखा गया है, जो अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से लगभग 50% गिर गई हैं। हालांकि इस गिरावट ने बाजार को अस्थिर कर दिया है, लेकिन इसने उच्च उतार-चढ़ाव का सामना करने के लिए तैयार लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक संभावित एंट्री पॉइंट खोल दिया है।
रिपल के स्टेबलकॉइन को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, XRP का मूल्य घट रहा है
रिपल का नियोजित स्टेबलकॉइन लॉन्च बाधाओं का सामना कर रहा है, कथित तौर पर एक लोकप्रिय ब्लॉकचेन पर इसका मूल्य कम हो रहा है। यह विकास XRP, रिपल से जुड़ी क्रिप्टोकरेंसी, की कीमत में उल्लेखनीय गिरावट के साथ हुआ है।
एक्सेंचर (Accenture) के कमजोर पूर्वानुमान से भारतीय निवेशकों में डर, आईटी शेयरों में भारी गिरावट
भारतीय आईटी शेयरों में आज भारी बिकवाली देखने को मिली, जहां वैश्विक दिग्गज एक्सेंचर (Accenture) द्वारा निराशाजनक राजस्व अनुमान (revenue guidance) जारी करने के बाद निफ्टी आईटी इंडेक्स 6% से अधिक टूट गया। इस भारी गिरावट ने टीसीएस (TCS) और इंफोसिस (Infosys) जैसे घरेलू तकनीकी दिग्गजों पर एआई (AI) व्यवधान के दीर्घकालिक प्रभाव के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं।
इंफोसिस के शेयरों में 9% की गिरावट: आईटी सेक्टर में वैश्विक चुनौतियों के चलते ₹40,000 करोड़ स्वाहा
इंफोसिस के शेयरों में आज भारी गिरावट आई और यह 52-हफ्तों के नए निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे कुछ ही मिनटों में बाजार मूल्य से लगभग ₹40,000 करोड़ साफ हो गए। यह गिरावट वैश्विक दिग्गज कंपनी एक्सेंचर (Accenture) द्वारा राजस्व अनुमान घटाने के बाद आई है, जिससे भारतीय आईटी क्षेत्र में व्यापक मंदी की आशंका बढ़ गई है।
IT सेक्टर में भारी गिरावट: क्यों TCS और Infosys ने एक ही दिन में गंवाए ₹1.35 लाख करोड़
वैश्विक दिग्गज कंपनी एक्सेंचर (Accenture) द्वारा अपने विकास के अनुमान में कटौती करने के बाद भारतीय आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे निवेशकों की ₹1.35 लाख करोड़ की संपत्ति स्वाहा हो गई। यह गिरावट एआई (AI) से होने वाले व्यवधान और वैश्विक तकनीकी खर्च में मंदी को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है।
मार्केट अपडेट: IT शेयरों में गिरावट के चलते सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के नीचे फिसला
भारतीय शेयर बाजार में पिछले पांच दिनों से जारी तेजी का सिलसिला शुक्रवार को अचानक थम गया और सेंसेक्स में 700 अंकों की भारी गिरावट आई। प्रमुख IT शेयरों में भारी बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण निफ्टी 50 महत्वपूर्ण 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया।
मार्केट क्रैश के दौरान डाइवर्सिफिकेशन आपके पोर्टफोलियो को क्यों नहीं बचा पाएगा
मार्केट एक्सपर्ट चार्ल्स एलिस (Charles Ellis) चेतावनी देते हैं कि अत्यधिक तनाव के समय में, शेयर एक साथ गिरने लगते हैं, जिससे पारंपरिक डाइवर्सिफिकेशन (diversification) अल्पावधि में कम प्रभावी हो जाता है। भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए, मुख्य बात इस अस्थायी चरण को पहचानने और डर में आकर बिकवाली करने के बजाय अनुशासन बनाए रखने में है।
कोरियाई टेक मार्केट में भारी गिरावट: ग्लोबल AI रैली पर ब्रेक लगने से Kospi 9% टूटा
दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स Kospi मात्र दो दिनों में 9% तक गिर गया है, जो AI-आधारित शेयर बाजार की तेजी के ठंडा होने का संकेत है। इस प्रमुख सेमीकंडक्टर हब में आया यह सुधार भारतीय निवेशकों, विशेषकर IT शेयरों और ग्लोबल थिमैटिक फंड्स में निवेश करने वालों के लिए एक चेतावनी है।
वैश्विक तनाव के बीच बिटकॉइन $62,000 के नीचे फिसला, क्रिप्टो बाजारों पर पड़ा असर
बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों द्वारा सुरक्षित संपत्तियों की तलाश करने से बिटकॉइन की कीमतों में अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी गिरावट आई है। बाजार अब आगामी मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर बारीकी से नजर रख रहा है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि डिजिटल मुद्रा फिर से अपनी पकड़ बना पाती है या नहीं।
Bitcoin में FTX संकट के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट; विशेषज्ञों ने और अधिक अस्थिरता की चेतावनी दी
कमजोर तकनीकी संकेतों और वैश्विक ब्याज दर की उम्मीदों में बदलाव के कारण, Bitcoin ने 2022 के FTX पतन के बाद से अपनी सबसे महत्वपूर्ण साप्ताहिक गिरावट का सामना किया है। जैसे-जैसे निवेशक Bitcoin ETFs से पूंजी निकाल रहे हैं, बाजार विशेषज्ञों का सुझाव है कि यह मंदी गहरी गिरावट का संकेत हो सकती है।
मिडल ईस्ट तनाव के कारण ₹4.5 लाख करोड़ साफ: क्या रिटेल निवेशकों को चिंता करनी चाहिए?
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और विदेशी निवेशकों द्वारा भारी बिकवाली ने पिछले 100 दिनों में भारतीय बाजार की संपत्ति में भारी गिरावट पैदा की है। जहां बैंकिंग और आईटी सेक्टर दबाव झेल रहे हैं, वहीं विशेषज्ञों का सुझाव है कि कम वैल्यूएशन जल्द ही लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एंट्री पॉइंट पेश कर सकते हैं।
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