Itat Ruling
Itat Ruling पर ताज़ा खबरें, व्याख्या और विश्लेषण। अर्थ वाणी पर 5 खबरें ट्रैक की जा रही हैं।
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ताज़ाITAT ने वैधानिक समय सीमा चूकने पर ₹1.34 करोड़ का टैक्स पुनर्मूल्यांकन रद्द किया
आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) ने एक करदाता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ₹1.34 करोड़ के पुनर्मूल्यांकन नोटिस को रद्द कर दिया है क्योंकि इसे कानूनी समय सीमा के बाद जारी किया गया था। यह फैसला इस बात को पुष्ट करता है कि कर अधिकारियों को आयकर अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा का सख्ती से पालन करना चाहिए।
ताज़ाITAT के फैसले: अनरिपोर्टेड विदेशी खाते 'ब्लैक मनी एक्ट' कार्रवाई का कारण बन सकते हैं
आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) के हालिया फैसलों से पता चलता है कि आयकर रिटर्न (ITRs) में विदेशी बैंक खातों का खुलासा न करने पर 'ब्लैक मनी (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015' के तहत कार्रवाई शुरू हो सकती है। यह सभी विदेशी वित्तीय हितों के सटीक और पूर्ण खुलासे के महत्व को रेखांकित करता है।
ताज़ामकान मालिक टीडीएस टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकते हैं, भले ही किराएदार जमा करने में चूक करे: आईटीएटी का फैसला
एक हालिया आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (आईटीएटी) के फैसले में यह स्पष्ट किया गया है कि मकान मालिक किराए पर किराएदारों द्वारा काटे गए टीडीएस के लिए टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकते हैं, भले ही किराएदार टीडीएस राशि सरकार के पास जमा करने में विफल रहे। यह निर्णय संपत्ति मालिकों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करता है, यह सुनिश्चित करता है कि उन्हें किराएदार की गैर-अनुपालन के लिए अनुचित रूप से दंडित न किया जाए। हालांकि, इस क्रेडिट का लाभ उठाने के लिए मकान मालिकों को टीडीएस कटौती का प्रमाण बनाए रखना होगा।
ताज़ाITAT चेन्नई का फैसला: ITR फाइलिंग की गलतियों के कारण ग्रेच्युटी टैक्स कटौती से इनकार नहीं किया जा सकता
आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) चेन्नई ने फैसला सुनाया है कि करदाताओं को उनके टैक्स रिटर्न में गलत शेड्यूल में रिपोर्ट करने के कारण धारा 43B के तहत वास्तविक ग्रेच्युटी कटौती से वंचित नहीं किया जा सकता है। यह निर्णय व्यवसायों और करदाताओं को ITR फॉर्म में लिपिकीय गलतियों के कारण तकनीकी अस्वीकृति का सामना करने के लिए महत्वपूर्ण राहत प्रदान करता है।
ताज़ाITAT का फैसला: NRI पति के फंड से खरीदी गई संपत्ति 'अनएक्सप्लेंड इनकम' के रूप में कर योग्य नहीं
मुंबई आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) ने ₹80 लाख के टैक्स एडिशन को हटा दिया है, यह फैसला सुनाते हुए कि यदि फंड का स्रोत अन्यथा सिद्ध हो जाता है, तो एक दस्तावेज की कमी के लिए करदाता को दंडित नहीं किया जा सकता है। यह मामला एक महिला से जुड़ा था जिसने अपने NRI पति द्वारा आधिकारिक बैंकिंग चैनलों के माध्यम से भेजे गए धन का उपयोग करके संपत्ति खरीदी थी।
Tax figures shown are indicative estimates for education only and depend on your specific situation. Consult a qualified tax professional or the Income-Tax Department before acting.