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New Launchताज़ास्मॉल फाइनेंस बैंक FD के लिए RBI के नए नियम: 1 अक्टूबर से प्रभावी 5 मुख्य बदलाव
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) फिक्स्ड डिपॉजिट धारकों के लिए पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से अक्टूबर 2024 से स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) के लिए नए दिशानिर्देश लागू कर रहा है। इन नियमों में समान मूल्य निर्धारण, ब्याज दरों का अग्रिम प्रकटीकरण और बल्क डिपॉजिट की संशोधित परिभाषाएं अनिवार्य की गई हैं।
फिक्स्ड डिपॉजिट: भारतीय बचतकर्ता वैश्विक सीडी दरों से क्या सीख सकते हैं
जबकि वैश्विक सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (सीडी) दरें ध्यान आकर्षित कर रही हैं, भारतीय बचतकर्ताओं को यह समझना चाहिए कि ये स्थानीय फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पेशकशों की तुलना में कैसी हैं। यह लेख सीडी की अवधारणा की पड़ताल करता है और भारतीय खुदरा निवेशकों को उनकी बचत के बारे में सूचित निर्णय लेने में मदद करता है।
बैंकों में नकदी की कमी: क्यों आपके शॉर्ट-टर्म FD रिटर्न में हो सकती है बढ़ोतरी
बैंकिंग प्रणाली में उपलब्ध नकदी में मौसमी गिरावट ने मनी मार्केट दरों को ऊपर धकेल दिया है। हालांकि इससे ऋण दरों (loan rates) में अस्थायी मजबूती आ सकती है, लेकिन यह खुदरा निवेशकों (retail investors) के लिए शॉर्ट-टर्म फिक्स्ड डिपॉजिट पर बेहतर रिटर्न पाने का एक संभावित अवसर प्रदान करता है।
बैंकों ने अनिवासी भारतीयों (NRIs) को उच्च ब्याज वाली जमा राशि में स्विच करने में मदद करने के लिए RBI से अनुमति मांगी
भारतीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से अनुरोध कर रहे हैं कि अनिवासी भारतीयों (NRIs) को भारी जुर्माने के बिना मौजूदा विदेशी मुद्रा जमा को तोड़ने और उन्हें उच्च ब्याज दरों पर फिर से निवेश करने की अनुमति दी जाए। यह कदम डॉलर की आवक बढ़ाने के लिए मुद्रा हेजिंग (hedging) लागतों को वहन करने की RBI की एक अस्थायी योजना के बाद उठाया गया है।
RBI द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें धुंधली: भारतीय बचतकर्ताओं के लिए क्यों बनी रह सकती है FD और बॉन्ड पर ऊंची यील्ड
महंगाई के जोखिम ऊंचे बने रहने के कारण ब्याज दरों में कटौती की लंबी श्रृंखला की उम्मीदें कम हो रही हैं, जिससे फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और डेट फंड का रिटर्न लंबे समय तक आकर्षक बना रह सकता है। इस बीच, वैश्विक बॉन्ड इंडेक्स में भारत के शामिल होने से ₹2.1 लाख करोड़ ($25 billion) के विदेशी निवेश आने की उम्मीद है।
सुरक्षा सबसे पहले: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने से निवेशकों का बैंक FD की ओर रुझान
इक्विटी बाजारों में सुस्त रिटर्न भारतीय खुदरा निवेशकों को बैंक डिपॉजिट की विश्वसनीयता की ओर वापस ले जा रहा है। RBI के हालिया आंकड़े सावधि जमा (Time Deposits) में भारी उछाल दिखाते हैं, जो अब कुल बैंक होल्डिंग्स का लगभग 88% है।
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