US Federal Reserve
US Federal Reserve पर ताज़ा खबरें, व्याख्या और विश्लेषण। अर्थ वाणी पर 13 खबरें ट्रैक की जा रही हैं।
ग्राफ में जुड़े हुए
US Federal Reserve पर ताज़ा
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नजर AI के प्रभाव पर: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए इसके क्या हैं मायने
अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस बात का बारीकी से परीक्षण कर रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उसकी अर्थव्यवस्था को कैसे बदल सकता है, जो उत्पादकता, विकास और मुद्रास्फीति को प्रभावित करेगा। हालांकि यह अध्ययन अमेरिका पर केंद्रित है, लेकिन AI द्वारा संचालित ये वैश्विक बदलाव अंततः भारत के आर्थिक भविष्य और नीतिगत निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान कर सकते हैं।
वैश्विक संकेतों से सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट: भारतीय खरीदारों के लिए शादी के सीजन में खरीदारी का मौका
यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के संकेत से MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। गर्मियों की शादियों के सीजन के बीच भारतीय परिवारों के लिए, यह गिरावट कम कीमत पर आभूषण खरीदने का एक मौका प्रदान करती है।
बाज़ार में 4 दिनों की तेजी पर लगा ब्रेक; अमेरिकी फेड ने उच्च ब्याज दरों के दिए संकेत
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने के संकेत के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार की तेजी थम गई। जहां निफ्टी 24,050 से नीचे फिसल गया, वहीं व्यापक बाजार की धारणा छोटे शेयरों में सकारात्मक वृद्धि के साथ स्थिर बनी हुई है।
अमेरिकी फेड द्वारा और ब्याज दर वृद्धि के संकेतों के बाद सोने की कीमतों में गिरावट: क्या भारतीय खरीदारों के लिए यह एक अवसर है?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल के अंत में ब्याज दरों में फिर से वृद्धि के संकेत देने के बाद सोने की कीमतों में लगभग 1% की गिरावट आई। इस 'हॉकिश' रुख (सख्त रुख) ने अमेरिकी डॉलर को मजबूत किया है, जिससे वैश्विक और भारतीय घरेलू बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में सुधार (करेक्शन) हुआ है।
अमेरिकी फेड के फैसले और तेल की कीमतों पर निवेशकों की नजर, भारतीय बॉन्ड मार्केट में ठहराव
भारतीय सरकारी बॉन्ड में हालिया तेजी थम गई है क्योंकि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति घोषणा से पहले सतर्क हो गए हैं। स्थिर होती वैश्विक तेल की कीमतें और विदेशी निवेश के रुझानों में संभावित बदलाव के कारण बेंचमार्क 10-वर्षीय यील्ड (yield) अब 12-सप्ताह के निचले स्तर के करीब बनी हुई है।
2024 के लिए अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें खत्म; UBS का अनुमान, 2027 तक नहीं मिलेगी कोई राहत
ग्लोबल इन्वेस्टमेंट दिग्गज UBS ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की अपनी उम्मीदों को काफी आगे बढ़ा दिया है, और अनुमान लगाया है कि ब्याज दरें 2027 तक ऊंची बनी रहेंगी। 'हायर-फॉर-लॉन्गर' (लंबे समय तक उच्च दरें) शासन की ओर यह बदलाव महंगे कर्ज की लंबी अवधि और भारतीय बाजारों के लिए संभावित अस्थिरता का संकेत देता है।
US Fed के तनाव से वैश्विक बाजारों में गिरावट; टेक शेयरों में बिकवाली से एशियाई सूचकांकों पर दबाव
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीति बैठक से पहले निवेशकों की सावधानी के चलते एशियाई बाजारों ने वॉल स्ट्रीट की गिरावट का अनुसरण किया। हालांकि तेल की गिरती कीमतों ने मुद्रास्फीति से कुछ राहत दी है, लेकिन अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर अनिश्चितता विदेशी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रही है।
निवेशकों की नजर अगली चाल के लिए US Fed की बैठक पर, Bitcoin ₹54.7 लाख के करीब
बड़े संस्थानों की दिलचस्पी कम होने के संकेतों के बीच Bitcoin $65,600 के स्तर के आसपास एक सीमित ट्रेडिंग रेंज में फंसा हुआ है। भारतीय निवेशक अब अपना ध्यान आगामी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर केंद्रित कर रहे हैं, जिससे उच्च-जोखिम वाली संपत्तियों (high-risk assets) के लिए दिशा तय होने की उम्मीद है।
US Fed की बैठक और तेल की कीमतों में बदलाव: इस सप्ताह भारतीय निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
जैसे-जैसे अमेरिकी बाजार अस्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं, सभी की निगाहें फेडरल रिजर्व की आगामी नीति बैठक और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर टिकी हैं। ये वैश्विक कारक भारतीय मुद्रास्फीति, रुपये की वैल्यू और अंतरराष्ट्रीय म्यूचुअल फंड के रिटर्न को प्रभावित करने के लिए तैयार हैं।
भू-राजनीतिक तनाव के कारण मुद्रास्फीति के परिदृश्य पर अनिश्चितता के बीच वैश्विक केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरें स्थिर रखीं
अमेरिका के फेडरल रिजर्व सहित प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा इस सप्ताह ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने की उम्मीद है। ईरान संघर्ष के 100 दिन पूरे होने से मुद्रास्फीति का जोखिम बना हुआ है, जिसके चलते नीति निर्माता कटौती करने से पहले 'प्रतीक्षा करें और देखें' (wait and watch) का रुख अपना रहे हैं।
अमेरिकी फेड का नया नेतृत्व: भारतीय निवेशकों को बाजार में बदलाव के लिए क्यों तैयार रहना चाहिए
अमेरिकी फेडरल रिजर्व केविन वॉर्श की अध्यक्षता में एक नए युग में प्रवेश कर रहा है, जिससे वैश्विक शेयर बाजारों के लिए अनिश्चितता पैदा हो गई है। भारतीय रिटेल निवेशकों को इस बदलाव पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, क्योंकि अमेरिकी ब्याज दरों के फैसले सीधे दलाल स्ट्रीट में विदेशी फंडों के प्रवाह को निर्धारित करते हैं।
सोने और चांदी की कीमतों को लगा झटका, क्योंकि अमेरिकी फेड रेट में कटौती की उम्मीदें हुईं धुंधली
पिछले एक साल में कीमती धातुओं में देखी गई भारी तेजी अब थमती नजर आ रही है, क्योंकि बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों और लगातार बनी हुई मुद्रास्फीति ने अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित कटौती में देरी कर दी है। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भारतीय निवेशकों को कीमतों में गिरावट के दौर के लिए तैयार रहना चाहिए।
अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोने की कीमतों में गिरावट; भारतीय मांग सुस्त रही
खाड़ी में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, निवेशकों द्वारा अमेरिका में संभावित ब्याज दर वृद्धि की तैयारी के बीच सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई। भारत में, खुदरा खरीदार 'वेट-एंड-वॉच' का रुख अपना रहे हैं क्योंकि भारी उतार-चढ़ाव के कारण वर्तमान दरें आकर्षक नहीं लग रही हैं।
Some listings may be sponsored and Arth Vani may earn a referral fee. All information is for educational purposes only — verify terms and suitability with the provider before acting. Not financial advice.